
“वोट चोर नारा और संघी गिरोह का ढोंगी राष्ट्रवाद – किसान नेता की तीखी टिप्पणी”
छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष ने मणिपुर हिंसा, भाजपा की नीतियों और क्रिकेट विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘वोट चोर’ नारा देशव्यापी प्रतिरोध का प्रतीक बन रहा है और संघी गिरोह का राष्ट्रवाद ढोंगी है।
“वोट चोर नारा और संघी गिरोह का ढोंगी राष्ट्रवाद – किसान नेता की तीखी टिप्पणी”
छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष ने मणिपुर हिंसा, भाजपा की नीतियों और क्रिकेट विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ‘वोट चोर’ नारा देशव्यापी प्रतिरोध का प्रतीक बन रहा है और संघी गिरोह का राष्ट्रवाद ढोंगी है।
1. वोट चोर का नारा: देशव्यापी प्रतिरोध का प्रतीक
किसान नेता का कहना है कि मणिपुर पिछले ढाई साल से जातीय हिंसा की आग में जल रहा है। मैतेई और कूकी समुदायों के बीच संघर्ष ने गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी, जिसमें कूकी समुदाय को भारी नुकसान हुआ। उनका आरोप है कि पिछली भाजपा सरकार ने स्थिति को संभालने में विफलता दिखाई और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी आरोप है कि उन्होंने लंबे समय तक मणिपुर की स्थिति पर ध्यान नहीं दिया। उनके मणिपुर दौरे पर विरोध प्रदर्शन हुए, जहाँ ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगे। टिप्पणीकार के अनुसार, यह नारा अब भाजपा शासन के खिलाफ देशव्यापी प्रतिरोध का प्रतीक बनता जा रहा है।
2. संघी गिरोह का ढोंगी राष्ट्रवाद
किसान सभा के उपाध्यक्ष का आरोप है कि भाजपा और उसके सहयोगी संगठन खेल व संस्कृति जैसे क्षेत्रों को भी नफरत की राजनीति में घसीट रहे हैं। उन्होंने हाल ही में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर विवाद का उल्लेख किया, जहाँ पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना के कथित खुलासे और खिलाड़ियों के व्यवहार ने खेल भावना पर सवाल उठाए। उनका दावा है कि यह सब सरकार के दबाव और धन-लाभ के लिए किया गया, जिससे भारतीय क्रिकेट की साख को धक्का लगा। उन्होंने भाजपा नेताओं पर क्रिकेट प्रशासन को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया।
(यह लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं। प्रकाशन या प्लेटफ़ॉर्म इन विचारों से सहमत होना आवश्यक नहीं है।)











