सूरजपुर के शिक्षकों को एआई और चैटजीपीटी प्रशिक्षण से मिली नई दिशा

सूरजपुर के शिक्षकों को एआई और चैटजीपीटी प्रशिक्षण से मिली नई दिशा

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सूरजपुर/2 दिसंबर 2024/ जिला प्रशासन ने मेट्री एआई और जीआर टेक्नो इंडिया के सहयोग से एआई और चैटजीपीटी प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। 4-दिवसीय इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के कंप्यूटर शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और चैटजीपीटी के व्यावहारिक उपयोग में निपुण बनाना है। इस कार्यक्रम का नेतृत्व टेडएक्स स्पीकर अनुराग डांगी कर रहे हैं, और इसमें उत्कर्ष मिश्रा और मेट्री एआई के संस्थापक रोहित कश्यप का सहयोग है। कार्यशाला जिला शिक्षा अधिकारी श्री ललित पटेल के समर्थन से और एसईसीएल के सीएसआर पहल के तहत वित्तीय सहायता से संचालित हो रही है।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं

इस कार्यशाला में 50 सरकारी स्कूलों के कंप्यूटर शिक्षक भाग ले रहे हैं। पहले दिन शिक्षकों को एआई के मूलभूत सिद्धांत और चैटजीपीटी का शिक्षण में उपयोग सिखाया गया।कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु-1. एआई की बुनियादः एआई की शिक्षा में भूमिका और उसके प्रभाव को समझना।

2. चैटजीपीटी का उपयोगः पाठ योजना बनाने, इंटरएक्टिव कंटेंट तैयार करने और व्यक्तिगत शिक्षण में इसकी भूमिका।

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3. हैंड्स-ऑन प्रशिक्षणः कक्षा में एआई टूल्स का व्यावहारिक उपयोग।

नेतृत्व और दृष्टिकोण

डीईओ ललित पटेल ने कहा, हमारा लक्ष्य प्रत्येक शिक्षक को ऐसी तकनीकों से लैस करना है, जिससे वे छात्रों को वैश्विक मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकें।

प्रशिक्षण और सहयोग

कार्यशाला का नेतृत्व अनुराग डांगी कर रहे हैं, जिन्होंने शिक्षकों को एआई उपकरणों के प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित किया। उत्कर्ष मिश्रा और रोहित कश्यप ने भी शिक्षकों को प्रौद्योगिकी के दीर्घकालिक लाभों के प्रति जागरूक किया।

शिक्षकों की प्रतिक्रिया

कार्यशाला के प्रति शिक्षकों में उत्साह दिखा। एक शिक्षक ने कहा, यह प्रशिक्षण हमें शिक्षण के तरीकों को पुनः परिभाषित करने और तकनीक को अपनाने में मदद कर रहा है।

आगे की योजना

यह कार्यशाला 5 दिसंबर 2024 तक जारी रहेगी, जिसमें एआई के उन्नत अनुप्रयोगों, सहयोगात्मक शिक्षण और इन उपकरणों को कक्षा में एकीकृत करने की रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।