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सूरजपुर में प्रशासन की तत्परता से टला बाल विवाह, दो नाबालिग बालिकाओं की सगाई रुकवाई

Surajpur News: सूरजपुर और रामानुजनगर में 16 वर्षीय दो बालिकाओं की सगाई रुकवाई गई। प्रशासन की तत्परता से बाल विवाह टल गया। परिवारों को कानून व शिक्षा का महत्व समझाया गया।

सूरजपुर: दो नाबालिग बालिकाओं की सगाई रुकवाई, प्रशासन की तत्परता से टला बाल विवाह

सूरजपुर/09 फरवरी 2026/ जिला सूरजपुर में कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देश पर बाल विवाह रोकने प्रशासन की टीम सतत निगरानी कर रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभम बंसल के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग सूरजपुर को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

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जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल को दो अलग-अलग विकासखंड सूरजपुर एवं रामानुजनगर से सूचना प्राप्त हुई कि 16 वर्षीय दो बालिकाओं, जो कक्षा 11वीं में अध्ययनरत हैं, की सगाई कर परिवार द्वारा विवाह की तैयारी की जा रही है।

सूचना मिलते ही जिला बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा स्कूलों से दोनों बालिकाओं की आयु का सत्यापन कराया गया, जिसमें दोनों की उम्र 16 वर्ष पाई गई। इसके बाद मौके पर दो टीमें भेजकर सगाई के समय ही हस्तक्षेप किया गया तथा परिजनों को समझाइश दी गई।

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जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्राम पंचायत के समस्त सचिवों एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के समस्त पर्यवेक्षकों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है। सभी की जिम्मेदारी है कि उनके क्षेत्र में किसी भी स्थिति में बाल विवाह न हो। साथ ही बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी भी दी गई।

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत होने वाली सजा के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। दोनों स्थानों पर बालिकाओं को पहले शिक्षा, फिर विवाह का संदेश देते हुए पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया। परिवारजनों ने “पहले पढ़ाई, फिर विदाई” के सिद्धांत को स्वीकार करते हुए बालिकाओं की शिक्षा जारी रखने एवं उम्र पूर्ण होने के बाद ही विवाह करने की सहमति दी।

इस आशय का पंचनामा एवं कथन लेकर विवाह को स्थगित कराया गया।

इस कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल, रामानुजनगर परियोजना अधिकारी अनुराधा आर्या, सूरजपुर पर्यवेक्षक दीपा बैरागी, चाइल्ड लाइन से दिनेश यादव एवं यशोदा गुप्ता, पुलिस विभाग से शिवलोचन पैकरा एवं रामप्रकाश उपस्थित रहे।

 

Ashish Sinha

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