
Surguja News: 393 आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत, लापरवाही पर 26 निरस्त, नए पंचायतों में होगा निर्माण
सरगुजा जिले में 393 आंगनबाड़ी भवनों की स्वीकृति, निर्माण में लापरवाही पर 26 भवन निरस्त कर नए पंचायतों को दी गई स्वीकृति। पढ़ें पूरी खबर।
सरगुजा में 393 आंगनबाड़ी भवनों की स्वीकृति, लापरवाही पर 26 निरस्त, अब नए पंचायतों में होंगे निर्माण
अंबिकापुर, 10 फरवरी 2026/जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा बड़े स्तर पर आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अभिसरण से जिले में कुल 393 आंगनबाड़ी भवनों की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में 393 भवनों की स्वीकृति के आदेश जारी किए गए थे, जिनमें से 343 भवनों के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से 1.69 लाख रुपये प्रति भवन की राशि तथा 50 भवनों के लिए डीएमएफ (DMF) मद से राशि स्वीकृत की गई थी।
लापरवाही पर 26 भवन निरस्त
जिला प्रशासन ने निर्माण कार्य में गंभीर उदासीनता बरतने वाले 26 आंगनबाड़ी भवनों की स्वीकृति निरस्त कर दी है। इन भवनों का निर्माण कार्य समय पर प्रारंभ नहीं होने के कारण इन्हें अन्य पंचायतों में स्वीकृत किया गया।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय अग्रवाल ने बताया कि आंगनबाड़ी भवन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में कुछ सरपंचों एवं सचिवों द्वारा लगातार लापरवाही बरती गई, जबकि उन्हें पर्याप्त समय और संसाधन उपलब्ध कराए गए थे। निर्माण कार्यों में राशि की कोई कमी नहीं थी, इसके बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया।
समय-सीमा का सख्त पालन
सीईओ श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि सभी एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्वीकृति के एक सप्ताह के भीतर कार्य प्रारंभ कर 3 से 6 माह में पूर्ण करें। यदि निर्धारित समय में कार्य प्रारंभ नहीं होता है, तो स्वीकृति निरस्त कर अन्य पंचायत को दे दी जाएगी।
चार चरणों में निरस्त हुए 26 भवन
निर्माण में लापरवाही के चलते चार चरणों में कुल 26 आंगनबाड़ी भवनों को निरस्त किया गया—
प्रथम चरण (08 भवन):
अम्बिकापुर – खलिबा, दरिमा, मुड़ेसा, घघंरी
मैनपाट – जजगा
बतौली – गहिला
बासेन, नकना
द्वितीय चरण (03 भवन):
अम्बिकापुर – कोल्डिहा, मांझापारा, क्रांतिप्रकाशपुर
तृतीय चरण (08 भवन):
अम्बिकापुर – भफौली, पोड़िपा
लुण्ड्रा – अगासी
मैनपाट – चिड़ापारा
सीतापुर – प्रतापगढ़, रजौटी
बतौली – गहिला, चिरंगा
चतुर्थ चरण (07 भवन):
अम्बिकापुर – परसोड़ीखुर्द, देवगढ़
लुण्ड्रा – केपी, चित्तरपुर
बतौली – सरमना, बतौली
मैनपाट – पेंट
नई पंचायतों को मिली स्वीकृति
निरस्त किए गए 26 आंगनबाड़ी भवनों की स्वीकृति अब विकासखंड अम्बिकापुर, लखनपुर एवं लुण्ड्रा के अन्य ग्राम पंचायतों को प्रदान की गई है, जिससे निर्माण कार्य को गति मिल सके।
बच्चों को मिलेगा बेहतर माहौल
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि हर आंगनबाड़ी केंद्र को सुरक्षित, मजबूत एवं सुविधायुक्त भवन उपलब्ध कराया जाए, ताकि नौनिहालों को शिक्षा, पोषण एवं देखभाल का बेहतर वातावरण मिल सके।












