
वोट कटवाने की साज़िश का आरोप: अखिलेश यादव ने SIR और फॉर्म-7 को बताया ‘महाघोटाला’, न्यायालय व चुनाव आयोग से संज्ञान लेने की मांग
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने SIR के तहत फॉर्म-7 के दुरुपयोग का आरोप लगाया। कहा— फर्जी हस्ताक्षरों से विपक्षी वोट काटे जा रहे हैं, PDA समाज और अल्पसंख्यक निशाने पर हैं।
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के नाम पर गांव-गांव में पहले से छपे हुए फॉर्म-7 भेजे जा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल विपक्षी दलों के मतदाताओं के नाम कटवाने की साज़िश के तौर पर किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी करते हुए माननीय न्यायालय, निर्वाचन आयोग और समस्त पत्रकारों से इस कथित बड़े षड्यंत्र का संज्ञान लेने की अपील की है।
“कौन भेज रहा है छपे-छपाए फॉर्म-7?”
सपा अध्यक्ष ने सवाल उठाया—
“SIR के तहत गांवों में छपे-छपाये फॉर्म-7 कौन भेज रहा है? जिन शिकायतकर्ताओं के नाम हैं, उनका कोई अता-पता नहीं है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि इन फॉर्मों के जरिए फर्जी आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं, जिससे कोई भी व्यक्ति दूसरे का नाम मतदाता सूची से कटवा सकता है।
फर्जी हस्ताक्षर और गुप्त आपत्तियां
अखिलेश यादव के अनुसार—
- फॉर्म-7 में फर्जी हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं
- जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्ति दर्ज की जा रही है,
उन्हें खुद इसकी कोई जानकारी तक नहीं - सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद नाम काटे जा रहे हैं
PDA समाज और अल्पसंख्यक निशाने पर
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि इस कथित प्रक्रिया के तहत—
- PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है
- खासकर अल्पसंख्यकों के नाम बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं
उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ एक सुनियोजित साज़िश बताया।
मीडिया और यूट्यूबर्स से खुली अपील
अखिलेश यादव ने कहा—
“हम सभी न्यूज़ चैनलों और अख़बारों से अपील करते हैं कि वे इस महाघोटाले का पर्दाफाश करें।”
इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय यूट्यूबरों और लोकल न्यूज़ कर्मियों से लोकतंत्र के हित में इस कथित घोटाले को उजागर करने की अपील की।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि—
- जो पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर ईमानदारी से इस मुद्दे को सामने लाएंगे
- उन्हें समाजवादी पार्टी देश-प्रदेश के सामने रखेगी
- उनकी पत्रकारिता को सच्चे दर्शकों और पाठकों तक पहुंचाया जाएगा
“लोकतंत्र पर सीधा हमला”
सपा प्रमुख ने इसे सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला करार दिया और निष्पक्ष जांच की मांग की।












