
सरगुजा कांग्रेस का मनरेगा बचाओ आंदोलन: गांधी चौक पर 1 दिवसीय उपवास और धरना प्रदर्शन
कांग्रेस जिला कमेटी, सुरगुजा ने मोदी सरकार द्वारा मनरेगा योजना में बदलाव और महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में गांधी चौक पर 1 दिवसीय उपवास और धरना प्रदर्शन किया। वरिष्ठ नेता और मजदूर उपस्थित।
कांग्रेस का गांधी चौक पर 1 दिवसीय उपवास और धरना प्रदर्शन
मनरेगा योजना समाप्त करने के मोदी सरकार के फैसले का विरोध, ग्रामीण रोजगार पर गंभीर चिंता
अंबिकापुर | 15 जनवरी 2026 | कांग्रेस जिला कमेटी सरगुजा ने आज गांधी चौक पर 1 दिवसीय उपवास और धरना प्रदर्शन आयोजित किया। यह कार्यक्रम मनरेगा योजना में मोदी सरकार द्वारा किए गए बदलाव और योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव सुश्री जरिता लैतफलांग ने कार्यक्रम की अगुवाई की।
कांग्रेस ने “मनरेगा बचाओ संघर्ष” के तहत 45 दिवसीय आंदोलन की घोषणा की है और आज देशभर के जिला मुख्यालयों पर एकसमान उपवास और धरना कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत और उपवास
आज पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर सुबह 9 बजे गांधी चौक पर उनके चित्र और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ धरना कार्यक्रम की शुरुआत हुई। उपवास शाम 4 बजे तक जारी रहा और समाप्ति गुड़-चूड़ा खाकर की गई।
कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और मनरेगा मजदूर उपस्थित रहे।
जरिता लैतफलांग का बयान
कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव एवं छत्तीसगढ़ सहप्रभारी सुश्री जरिता लैतफलांग ने कहा—
“मनरेगा योजना को समाप्त कर मोदी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर रही है। जबसे मोदी जी की सरकार बनी है, देश के 12 करोड़ पंजीकृत मजदूरों को साल में केवल 50 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। नई योजना के तहत 125 दिन का रोजगार देने का झांसा केवल विज्ञापनों तक सीमित है। जिन क्षेत्रों में नेटवर्क, शिक्षा और संसाधनों की कमी है, वहां रियल टाइम मोनिटरिंग के खोखले दावे सिर्फ़ जनता को भ्रमित करने के लिए हैं।”
बालकृष्ण पाठक का बयान
कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक ने कहा—
“महात्मा गांधी जी के नाम से चल रही मनरेगा योजना से उनका नाम हटाने का प्रयास न केवल गांधीजी के सम्मान के खिलाफ है बल्कि ग्रामीण रोजगार और ग्राम पंचायतों की अधिकारिता पर भी चोट है। नई योजना ने ग्राम पंचायतों को कमजोर कर दिया है और रोजगार की गारंटी को अव्यवहारिक बना दिया है।”
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी
इस उपवास और धरना कार्यक्रम में उपस्थित रहे—
- पूर्व केबिनेट मंत्री: प्रेमसाय सिंह, अमरजीत भगत
- वरिष्ठ नेता: अजय अग्रवाल, डॉ. अजय तिर्की, मो. इस्लाम, रामविनय सिंह, विनय शर्मा, तिलक बेहरा, बलराम यादव, इंद्रजीत सिंह धंजल
- अन्य पदाधिकारी: अमित सिंहदेव, नारद गुप्ता, मुनेश्वर राजवाड़े, फुलसाय लकड़ा, संध्या रवानी, अनिमा केरकेट्टा, संजय सिंह, जमील खान, कलीम खान, मेराज गुड्डू, मो. बाबर, लोकेश कुमार, अमित तिवारी, राजा विकल झा, आशीष जायसवाल, चंद्रप्रकाश सिंह, रजनीश सिंह, नीतीश चौरसिया, निकी खान, सतीश बारी, सोहन जायसवाल, शुभम जायसवाल, प्रमोद चौधरी, उत्तम राजवाड़े, अमित सिन्हा, सौरभ फिलिप, प्रीति सिंह, विकास केशरी, दिनेश शर्मा, सीपू सिंह, परवेज आलम गांधी, तरणराज सिंह, शिवांशु गुप्ता, संजर नवाज, नुजहत फातिमा, श्रीमती हमीदा, चंचला सांडिल्य, सपना सिन्हा, शकीला सिद्दकी, रश्मि सोनी
इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और मनरेगा मजदूर भी मौजूद रहे।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मनरेगा योजना का मूल उद्देश्य—रोजगार की गारंटी और ग्रामीण विकास—को खत्म करने का प्रयास अस्वीकार्य है।
यह प्रदर्शन सरकार को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार गारंटी के प्रति जागरूक करने के लिए किया गया।











