
Cloud Particle Scam: ED ने Viewno Group मामले में 19.10 करोड़ की संपत्तियां की अटैच
ED ने हजारों करोड़ के Cloud Particle Scam में Viewno Group के CEO सुखविंदर सिंह खरौर और सहयोगियों की 19.10 करोड़ रुपये की संपत्तियां PMLA के तहत अटैच की हैं।
Cloud Particle Scam: ED ने Viewno Group मामले में 19.10 करोड़ की संपत्तियां की अटैच
जालंधर, 04 फरवरी 2026/प्रवर्तन निदेशालय (ED) के जालंधर रीजनल ऑफिस ने Viewno Group of Companies से जुड़े बहुचर्चित Cloud Particle Scam मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 19.10 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। यह कार्रवाई 30 जनवरी 2026 को Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत की गई।
यह मामला हजारों करोड़ रुपये के कथित निवेश घोटाले से जुड़ा है, जिसमें आम निवेशकों की मेहनत की कमाई को धोखाधड़ी के जरिए हड़पने का आरोप है।
कई राज्यों की FIR के आधार पर शुरू हुई जांच
ED ने यह जांच गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) पुलिस और पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज की गई विभिन्न FIRs के आधार पर शुरू की थी। इन FIRs में संगठित धोखाधड़ी और निवेश के नाम पर ठगी से जुड़े गंभीर आरोप दर्ज हैं।
हजारों करोड़ का Cloud Particle Scam
ED की जांच में सामने आया है कि—
- सुखविंदर सिंह खरौर, CEO और Founder, Viewno Group
- अन्य आरोपी और उनसे जुड़ी संस्थाएं
ने मिलकर “Cloud Particle Scam” को अंजाम दिया।
इस घोटाले में—
- निवेशकों से Cloud Particles की बिक्री के नाम पर
करीब 3700 करोड़ रुपये (लगभग) जुटाए गए - इनमें से करीब 1800 करोड़ रुपये को
निवेशकों को रेंट (rent) के रूप में लौटाया गया - शेष राशि को Proceeds of Crime (POC) मानते हुए
निजी और गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों में इस्तेमाल किया गया
फर्जी बिजनेस मॉडल से निवेशकों को किया गुमराह
ED के अनुसार—
- Viewno Group का Sale & Lease आधारित Cloud Particle बिजनेस
वास्तव में अस्तित्व में ही नहीं था - डेटा सेंटर से कोई वास्तविक किराया या नाममात्र की आय प्राप्त हुई
- पूरा मॉडल केवल मनी रोटेशन स्कीम के रूप में संचालित किया जा रहा था
- व्यवसाय को जानबूझकर अत्यधिक प्रचारित (over-hyped) कर निवेशकों को भ्रमित किया गया
लग्जरी गाड़ियां, सोना-हीरा और शेल कंपनियों में निवेश
ED की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि—
- अपराध से अर्जित धन का इस्तेमाल
- लग्जरी वाहनों की खरीद
- सोना और हीरे
- शेल कंपनियों के माध्यम से धन की हेराफेरी
- रियल एस्टेट में निवेश
के लिए किया गया।
इसके अलावा—
- M/s VMSL और अन्य समूह कंपनियों द्वारा
चैनल पार्टनर्स को भारी-भरकम कमीशन दिए गए
19.10 करोड़ की नई संपत्तियों की पहचान
ताजा जांच में ED ने—
- अचल संपत्तियां (Immovable Properties)
- फिक्स्ड डिपॉजिट्स
- लिस्टेड कंपनियों में शेयरहोल्डिंग
के रूप में 19.10 करोड़ रुपये की POC की पहचान की।
इन संपत्तियों का स्वामित्व—
- सुखविंदर सिंह खरौर
- M/s Viewno Infotech Pvt. Ltd.
- नितिन श्रीवास्तव और उनकी पत्नी रुचि श्रीवास्तव
- Viewno Group के अकाउंटेंट विजय झा के परिवारजन
के नाम पर पाया गया, जबकि शेयरहोल्डिंग सुखविंदर सिंह खरौर और डिंपल खरौर के नाम दर्ज है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कुर्की और गिरफ्तारी
ED पहले ही—
- 06.02.2025 को
- 178.12 करोड़ रुपये की संपत्तियां (बैंक बैलेंस, वाहन और अचल संपत्ति) अटैच कर चुकी है
- 14.08.2025 को
- 73.72 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज़ की गई थी
इस मामले में—
- 28.02.2025 को
- सुखविंदर सिंह खरौर और डिंपल खरौर गिरफ्तार
- 24.02.2025 को
- आरोपी आरिफ निसार की गिरफ्तारी
तीनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
इसके बाद ED ने—
- 24.04.2025 को
- PMLA की विशेष अदालत में प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की है।
ED ने स्पष्ट किया है कि—
मामले में आगे की जांच जारी है, धन के पूरे प्रवाह (money trail) और अन्य संलिप्त व्यक्तियों/संस्थाओं की पहचान की जा रही है।
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