
सूरजपुर में 10 से 25 फरवरी तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान, तीन विकासखंडों में चलेगा सामूहिक दवा सेवन
सूरजपुर जिले में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 10 से 25 फरवरी 2026 तक सामूहिक दवा सेवन अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देशन में सूरजपुर, रामानुजनगर और प्रेमनगर विकासखंडों में बूथ, घर-घर भ्रमण और मॉपअप राउंड के जरिए दवा सेवन कराया जाएगा।
सूरजपुर | 03 फरवरी 2026 | सूरजपुर जिले में फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.डी. पैकरा के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के तीन विकासखंड—सूरजपुर, रामानुजनगर और प्रेमनगर में 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक सामूहिक दवा सेवन अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान के तहत फाइलेरिया से बचाव के लिए पात्र नागरिकों को निर्धारित दवाओं का सेवन कराया जाएगा। अभियान को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रह जाए।
तीन चरणों में चलेगा दवा सेवन अभियान
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार—
- प्रथम चरण (10 से 12 फरवरी):
सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा। - द्वितीय चरण (13 से 22 फरवरी):
स्वास्थ्य कर्मी और मितानिनें घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाएंगे और बीमारी से बचाव को लेकर जागरूक करेंगे। - मॉपअप राउंड (23 से 25 फरवरी):
जो पात्र व्यक्ति किसी कारणवश दवा सेवन से छूट गए होंगे, उन्हें मॉपअप राउंड के दौरान दवा दी जाएगी।
किन्हें नहीं दी जाएगी दवा
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह दवा गर्भवती महिलाओं, दो वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी पात्र व्यक्तियों को दी जाएगी। दवा का सेवन भोजन करने के बाद करने की सलाह दी गई है, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
अभियान की सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो कलेक्टर एस. जयवर्धन की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी मितानिनों को शत-प्रतिशत प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि दवा वितरण और जागरूकता कार्य प्रभावी ढंग से किया जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के तीनों विकासखंडों के खंड चिकित्सा अधिकारी, खंड कार्यक्रम प्रबंधक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी, सेक्टर सुपरवाइजर, डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला कुष्ठ अधिकारी, शिशु रोग विशेषज्ञ एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जनभागीदारी से सफल होगा अभियान
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सहयोग करते हुए दवा का अनिवार्य रूप से सेवन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। अधिकारियों ने बताया कि फाइलेरिया पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली बीमारी है, बशर्ते समय पर दवा का सेवन किया जाए।










