गरियाबंद : कोविड-19 से मृत एकल माता-पिता के बच्चों को निशुल्क शिक्षा और स्कॉलरशीप दी जायेगी।लंबित प्रकरणों को पूर्ण करने के निर्देश

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गरियाबंद 06 जुलाई 2021

 

कलेक्टर श्री निलेशकुमार क्षीरसागर की अध्यक्षता में आज दोपहर कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला इकाई बाल संरक्षण समिति एवं जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिन्दुवार एजेण्डों पर चर्चा करते हुए कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने कहा कि जिले में किसी कारण से मुख्यमार्ग से भटके हुए बच्चों को मानवीय आधार पर मुख्य समाज से जोड़ने के लिए समिति एवं अन्य विभाग भी समन्वय से कार्य करें। यह एक सामाजिक कुरिति है, जिसे हम सब को मिलकर मिटाना होगा। इस समस्या को समग्र रूप में देखना होगा। बैठक में कोविड-19 से मृत एकल माता-पिता के बच्चो को शिक्षा से जोड़ने के संबंध में विचार किया गया। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे बच्चों को आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में निशुल्क प्रवेश दिया जायेगा।  साथ ही उनके स्कालरशीप की व्यवस्था भी की जायेगी। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, एस.डी.एम श्री विश्वदीप, समिति के सदस्य एवं संबंधित विभाग के जिला अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान कहा कि किशोर न्याय बोर्ड में प्रस्तुत प्रकरणों का निराकरण समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाये।

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बैठक में बताया गया कि किशोर न्याय बोर्ड में वर्तमान मे 55 प्रकरण लंबित है। इसी तरह बाल कल्याण समिति में भी 41 प्रकरण लंबित है। कलेक्टर ने समय-सीमा में इन प्रकरणो का निराकरण करने के निर्देश दिये है। बैठक में बालश्रम में लिप्त पाये गए 06 बच्चों के साथ-साथ उनके पालकों और नियोजकों को समझाईश देने तथा आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। श्रम विभाग को ऐसे प्रकरणों का समयबद्ध तरीके से समाधान करने के निर्देश दिये है। बैठक में निर्देशित किया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बालकों का अवैध प्रवास के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर समिति बनाकर जानकारी ली जाये। दत्तक ग्रहण से संबंधित कानून के प्रचार-प्रसार व्यापक रूप से किया जाये ताकि कानूनी रूप से ही बच्चों का स्वीकार किया जाये। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि चाईल्ड हेल्प लाईन टोल फ्री न. 1098 का प्रचार-प्रसार भी किया जाये। बैठक में जानकारी दी गई कि इस सत्र में बाल विवाह रूकवाने का विशेष अभियान चलाया गया है। कुल 10 बाल विवाह रोकवाये गये हैं। समीक्षा के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एकीकृत बाल संरक्षण योजना के तहत जिले के स्कूलों के बच्चों को बाल श्रम निषेध, चाईल्ड हेल्पलाईन 1098 तथा बच्चों के अधिकार एवं संरक्षण से संबंधित जानकारी दी गई। बैठक में बाल कल्याण समिति की ओर से श्री कृष्णकुमार शर्मा ने कहा कि संवेदनशील प्रकरणों पर तत्काल कार्यवाही किया जाना चाहिए। बैठक में श्रीमती पूर्णिमा तिवारी, उमेन्द्र ध्र्रुव, फहद खान, सुश्री शीला यादव, रामविशाल वर्मा, महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती जगरानी एक्का, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री अनिल द्विवेदी, स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम, आदिवासी विकास विभाग, पुलिस विभाग, बाल कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत स्वैच्छिक संगठन एवं समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।