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महासमुंद में बैंक मित्रों के लिए वित्तीय साक्षरता एवं साइबर क्राइम जागरूकता प्रशिक्षण: डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित बनाने पर जोर

महासमुंद में बैंक मित्रों के लिए वित्तीय साक्षरता एवं साइबर क्राइम जागरूकता प्रशिक्षण: डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित बनाने पर जोर

महासमुंद, 20 मार्च 2025 – वित्तीय साक्षरता और साइबर क्राइम से बचाव के उद्देश्य से महासमुंद ब्लॉक में बैंक मित्रों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार और जिला पंचायत सीईओ एस आलोक के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का आयोजन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जनपद पंचायत महासमुंद के सहयोग से किया गया, जिसमें बैंक मित्रों और वित्तीय साक्षरता समुदाय संसाधन व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया गया।

इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को सुरक्षित वित्तीय लेन-देन की जानकारी देना और डिजिटल बैंकिंग से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करना था। आज के समय में डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ साइबर धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए यह प्रशिक्षण बेहद आवश्यक था।

साइबर क्राइम से बचाव – बैंकिंग फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा के बारे में बताया गया।

माइक्रो फाइनेंस से जुड़े फ्रॉड – ग्रामीण अर्थव्यवस्था में लोन और माइक्रो फाइनेंसिंग का महत्व और इससे जुड़े संभावित धोखाधड़ी से बचाव के उपायों पर चर्चा हुई।

वित्तीय अनुशासन – बैंकिंग लेन-देन में पारदर्शिता बनाए रखने और आर्थिक अनुशासन का पालन करने की जानकारी दी गई।

डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा – इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई आधारित लेन-देन को सुरक्षित बनाने के तरीकों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया।

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इस कार्यक्रम में जिला पंचायत महासमुंद और तकनीकी सहायता एजेंसियों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि साइबर फ्रॉड के नए तरीकों से बचने के लिए जागरूकता अत्यंत जरूरी है। डिजिटल ट्रांजैक्शन में सावधानी बरतने से धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।

प्रशिक्षण की प्रक्रिया

प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बैंक मित्रों को प्रशिक्षित किया गया। इनमें निम्नलिखित प्रमुख बिंदु शामिल थे:

रोल-प्ले और केस स्टडी: बैंकिंग फ्रॉड के उदाहरणों को साझा करके उससे बचने के उपायों पर चर्चा की गई।

इंटरएक्टिव सेशन: बैंक मित्रों को अपने अनुभव साझा करने का मौका दिया गया, जिससे वे आपस में सीख सकें।

प्रायोगिक प्रशिक्षण: मोबाइल बैंकिंग और ऑनलाइन लेन-देन के सही और सुरक्षित उपयोग के लिए प्रैक्टिकल सत्र आयोजित किए गए।

बैंक मित्रों ने इस प्रशिक्षण को बहुत उपयोगी बताया और इसे अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करने का संकल्प लिया। एक प्रतिभागी ने कहा, “यह प्रशिक्षण हमारे लिए बहुत लाभदायक रहा। अब हम अपने क्लस्टर के अन्य सदस्यों को भी साइबर फ्रॉड और सुरक्षित बैंकिंग के बारे में जागरूक कर पाएंगे।”

इस प्रशिक्षण से महासमुंद ब्लॉक के बैंक मित्र अब अपने समुदाय में सुरक्षित बैंकिंग और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा, यह पहल ग्रामीण महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगी।

इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन से डिजिटल बैंकिंग में आत्मनिर्भरता आएगी और ग्रामीण क्षेत्र के लोग साइबर अपराध से बच सकेंगे।

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