श्रमिक कल्याण योजनाओं से 4970 श्रमिकों को 3.03 करोड़ की सहायता, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा में बड़ा कदम

श्रमिक कल्याण योजनाओं से 4970 श्रमिकों को 3.03 करोड़ की आर्थिक सहायता, शिक्षा-स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में बड़ा कदम

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महासमुंद, 20 मार्च 2025: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हो सके। इन योजनाओं के तहत श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जीवन स्तर सुधारने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। महासमुंद जिले में 1 अक्टूबर 2024 से 20 मार्च 2025 तक 4970 श्रमिकों को 3 करोड़ 3 लाख 45 हजार से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह सहायता राशि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से वितरित की गई है, जिससे श्रमिकों और उनके परिवारों को बड़ा लाभ मिला है।

श्रमिकों को योजनावार सहायता राशि का वितरण

श्रम विभाग के अनुसार, इन योजनाओं के तहत वितरित सहायता राशि में विभिन्न योजनाओं का योगदान रहा है। इनमें से कुछ प्रमुख योजनाएं निम्नलिखित हैं:

मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी योजना: इस योजना के तहत 62 लाभार्थियों को 6 लाख 59 हजार 750 रुपए की सहायता प्रदान की गई।

मिनी माता महतारी योजना: 290 लाभार्थियों को 58 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना: इस योजना के अंतर्गत 3960 लाभार्थियों को 80 लाख 5 हजार 500 रुपए की सहायता दी गई।

मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना: 62 लाभार्थियों को 6 लाख 59 हजार 750 रुपए की आर्थिक मदद दी गई।

मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना: 123 लाभार्थियों को 24 लाख 60 हजार रुपए की सहायता दी गई।

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना: इस योजना के अंतर्गत 34 लाभार्थियों को 34 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी गई।

मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना: 501 बच्चों को 1 करोड़ 20 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई।

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सभी योजनाओं के तहत दी गई सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से जमा की गई। यह पहल न केवल श्रमिकों की वित्तीय स्थिति सुधारने में सहायक साबित हो रही है, बल्कि उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी मदद कर रही है।

योजनाओं का श्रमिकों पर प्रभाव

सरकार की इन योजनाओं का सीधा असर श्रमिकों और उनके परिवारों पर देखने को मिल रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र में सुधार: मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी योजना और मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से कई श्रमिक परिवारों के बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर पा रहे हैं। इससे श्रमिकों के बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिल रही है।

महिलाओं और बच्चों के लिए राहत: मिनी माता महतारी योजना और मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत महिलाओं एवं बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनका जीवन स्तर सुधर रहा है।

स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना और निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत वृद्ध श्रमिकों और दिव्यांगजनों को मदद मिल रही है, जिससे उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हो रही है।

श्रम विभाग और सरकार का दृष्टिकोण

महासमुंद जिले के श्रम कल्याण अधिकारी ने बताया कि सरकार श्रमिकों के हितों की रक्षा करने और उन्हें बेहतर जीवन प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में और अधिक श्रमिकों को इन योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण में मील का पत्थर साबित हो रही है। इन योजनाओं से न केवल श्रमिकों की आर्थिक स्थिति सुधर रही है, बल्कि वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं भी प्रदान कर पा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक श्रमिक इन योजनाओं से लाभान्वित हों और उनका जीवन स्तर ऊंचा उठ सके।