छत्तीसगढ़ को मिली 8741 करोड़ रुपए की बड़ी सौगात: खरसिया-नया रायपुर- परमलकसा रेल परियोजना से खुलेगा विकास का नया द्वार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (CCEA) की बैठक में रेलवे की एक ऐतिहासिक परियोजना को स्वीकृति दी गई है। इस निर्णय से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्रांति और आधारभूत संरचना के विकास का नया युग शुरू होगा।
8741 करोड़ की लागत वाली ‘खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा 5वीं एवं 6वीं लाइन’ परियोजना राज्य में लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक हब और पर्यावरणीय स्थिरता को मजबूती देगी। बलौदा बाजार और आसपास के क्षेत्रों को पहली बार सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना है, जिससे यहां के सीमेंट, इस्पात और अन्य औद्योगिक उत्पादन को नई उड़ान मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को “आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थर” बताया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल क्षेत्रीय विकास होगा, बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे।
मुख्य विशेषताएँ:
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लंबाई: 278 किमी रेलमार्ग, 615 किमी ट्रैक
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स्टेशन: 21
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इन्फ्रास्ट्रक्चर: 48 बड़े पुल, 349 छोटे पुल, 14 आरओबी, 184 आरयूबी, 5 रेल फ्लाईओवर
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कार्गो क्षमता: 21–38 मिलियन टन, 8 मेल/एक्सप्रेस/सेमी हाई-स्पीड ट्रेनें
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ईंधन बचत: 22 करोड़ लीटर डीजल प्रतिवर्ष
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CO2 कटौती: 113 करोड़ किग्रा – लगभग 4.5 करोड़ पेड़ों के बराबर
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लॉजिस्टिक्स लागत में बचत: ₹2,520 करोड़ प्रतिवर्ष
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लाभान्वित ज़िले: रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, बलौदा बाजार, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव











