मुख्यमंत्री आवास के सामने युवक ने खुद को लगाई आग, फतेहपुर पुलिस पर आरोपी को बचाने का आरोप

मुख्यमंत्री आवास के सामने युवक ने खुद को लगाई आग, फतेहपुर पुलिस पर आरोपी को बचाने का आरोप

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लखनऊ: विक्रमादित्य मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास के निकट सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब बाराबंकी जिले के एक युवक ने स्वयं को आग लगाकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। युवक ने यह खौफनाक कदम फतेहपुर पुलिस की कथित निष्क्रियता और आरोपी को बचाने की लचर कार्यशैली से आहत होकर उठाया।

घायल युवक की पहचान बाराबंकी जिले के फतेहपुर क्षेत्र अंतर्गत उजरबारा गांव निवासी शिवम कुमार वर्मा (30 वर्ष) के रूप में हुई है। सुरक्षाकर्मियों और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उसे बचाया जा सका, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

न्याय न मिलने से आहत था युवक

शिवम कुमार वर्मा ने फतेहपुर थाने में एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उसका आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने और मामले में अदालत में आरोपपत्र दाखिल होने के बावजूद, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। शिवम का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहा है और उसे लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा है।

शिकायत के बावजूद फतेहपुर पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने और आरोपी को संरक्षण देने के आरोपों से व्यथित होकर शिवम ने मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह जैसा चरम कदम उठाने का फैसला किया।

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घटना और बचाव कार्य

यह घटना सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे विक्रमादित्य मार्ग तिराहे के पास हुई। शिवम कुमार वर्मा अचानक मुख्यमंत्री आवास के सामने पहुंचा और खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली।

मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और बंदरिया बाग चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक आदित्य सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने तत्काल प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आग की लपटों में घिरे युवक को कंबल और पानी की सहायता से तुरंत बचाया।

घायल शिवम को आनन-फानन में सिविल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, वह करीब 35% झुलस गया है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके बाद उसे आगे के इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।

पुलिस जांच में जुटी, उठे गंभीर सवाल

गौतमपल्ली पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना की जानकारी बाराबंकी पुलिस और शिवम के परिजनों को दी है। लखनऊ पुलिस ने पुष्टि की है कि वे आगे की कार्रवाई के लिए बाराबंकी पुलिस के संपर्क में हैं।

यह गंभीर घटना पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब एक पीड़ित, न्याय की उम्मीद छोड़कर मुख्यमंत्री के आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास करता है, तो यह दर्शाता है कि स्थानीय पुलिसिंग में कितनी बड़ी लापरवाही और उदासीनता बरती गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, फतेहपुर पुलिस के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर जांच और कार्रवाई की मांग उठ रही है।