
मनरेगा कमजोर हुई तो गरीबों की रोजी-रोटी और बच्चों की शिक्षा पर संकट: सीएम सुक्खू
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मनरेगा काम और आत्मसम्मान देने वाली योजना है। इसे कमजोर करने से करोड़ों गरीब परिवार प्रभावित होंगे।
शिमला।हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार की मनरेगा नीति पर चिंता जताते हुए कहा है कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि गरीबों को काम और आत्मसम्मान देने वाली योजना है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यदि मनरेगा को कमजोर किया गया तो इससे करोड़ों गरीब परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा और इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ेगा।
गरीबों की सुरक्षा कवच है मनरेगा
सीएम सुक्खू ने कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन को रोका है और कठिन समय, विशेषकर कोविड काल, में यह योजना गरीबों के लिए संजीवनी साबित हुई थी। ऐसे में इसे कमजोर करना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
संघर्ष का संकेत
मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि कांग्रेस पार्टी श्रीमती सोनिया गांधी के नेतृत्व में मनरेगा की रक्षा के लिए निर्णायक संघर्ष करेगी और गरीबों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।









