
विश्व हिन्दी दिवस 2026: हिन्दी हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक
विश्व हिन्दी दिवस पर जानिए हिन्दी भाषा का महत्व, वैश्विक प्रभाव और इसके प्रचार-प्रसार का संकल्प।
विश्व हिन्दी दिवस: हिन्दी हमारी संस्कृति, भावनाओं और पहचान का प्रतीक
नई दिल्ली | 10 जनवरी|समस्त देशवासियों और हिन्दी प्रेमियों को विश्व हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, संस्कृति और भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति है।
आज हिन्दी विश्व के अनेक देशों में बोली, पढ़ी और समझी जा रही है। साहित्य, सिनेमा, पत्रकारिता, तकनीक और डिजिटल माध्यमों के जरिए हिन्दी ने वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। यह भाषा न केवल संवाद का माध्यम है, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत करती है।
विश्व हिन्दी दिवस का उद्देश्य हिन्दी के प्रचार-प्रसार, इसके सम्मान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी स्वीकार्यता को बढ़ावा देना है। आज पूरा विश्व हिन्दी की अभिव्यक्ति, उसकी शक्ति और प्रभाव को महसूस कर रहा है।
आइए, इस अवसर पर हम सब मिलकर हिन्दी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने, इसे अगली पीढ़ी तक समृद्ध रूप में पहुँचाने और रोज़मर्रा के जीवन में इसके अधिकाधिक उपयोग का संकल्प लें।
हिन्दी है तो पहचान है। हिन्दी है तो अभिव्यक्ति है।








