‘समग्र स्वास्थ्य’ मिशन होना चाहिए, नारा नहीं—VISION INDIA समिट में बोले अखिलेश यादव

‘समग्र स्वास्थ्य’ मिशन होना चाहिए, सिर्फ नारा नहीं—अखिलेश यादव

भुवनेश्वर में VISION INDIA : Holistic Health Summit में लिया गया व्यापक संकल्प

भुवनेश्वर | 18 जनवरी 2026 |समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भारत के भविष्य के लिए ‘समग्र स्वास्थ्य (Holistic Health)’ को एक मिशन के रूप में अपनाना होगा, न कि केवल नारे के रूप में। उन्होंने यह बात 17 जनवरी 2026 को भुवनेश्वर में आयोजित VISION INDIA : Holistic Health Summit के दौरान कही।

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अखिलेश यादव ने कहा कि ‘तन–मन–वातावरण’ का समेकित रूप ही समग्र स्वास्थ्य है। स्वास्थ्य को केवल बीमारी के इलाज तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय संदर्भों में समझना होगा।

इलाज से ज्यादा ज़रूरी है बीमारी की रोकथाम

उन्होंने कहा कि बीमारी का इलाज करने से बड़ी बात यह है कि लोग बीमार ही न हों। इसके लिए Health Education को शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर एक प्रभावी Preventive Measure के रूप में अपनाना जरूरी है। स्वास्थ्य सुधारों को जन-आंदोलन का रूप देना होगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि सरकारों को स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च को Expenditure नहीं बल्कि Investment के रूप में देखना चाहिए, क्योंकि एक स्वस्थ नागरिक ही देश की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा Human Resource होता है।

स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मिले सामान्य इंफ्रास्ट्रक्चर जैसा दर्जा

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि Health Infrastructure को General Infrastructure के बराबर महत्व दिया जाना चाहिए। साथ ही दवा घोटालों को खत्म करने के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सख्त, चौकन्ना और पारदर्शी बनाने की जरूरत है। रेगुलेटरी प्रक्रियाएं ईमानदार और पारदर्शी हों, तभी आम जनता का भरोसा बनेगा।

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डिजिटल तकनीक, AI और CSR फंड पर जोर

अखिलेश यादव ने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां हर नागरिक के मोबाइल तक पहुंचाई जानी चाहिए। उन्होंने AI के सार्थक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों की Health Analysis कर यह पता लगाया जाए कि स्थानीय हवा, पानी, मिट्टी, खेती, खाद, पेस्टीसाइड और कचरे से कौन-सी बीमारियां फैल रही हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि CSR फंड का बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य क्षेत्र को समर्पित किया जाना चाहिए।

नशा, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक दृष्टिकोण

अखिलेश यादव ने कहा कि नशे की आदतों को केवल अपराध या कमजोरी के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक, मानसिक और मनोवैज्ञानिक समस्या के रूप में देखा जाना चाहिए। खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों को इससे जोड़ते हुए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि अस्वास्थ्यकारी आदतों से ग्रसित लोगों के प्रति समाज को अपना नजरिया बदलना होगा। सहानुभूति और सहयोग से ही वे समाज की मुख्यधारा में लौट सकते हैं।

मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा और देसी ज्ञान का समावेश

उन्होंने डॉक्टरों, कंपाउंडर, मेडिकल स्टाफ और आशा वर्कर्स के लिए Service Security सुनिश्चित करने की बात कही, ताकि वे खुद को आर्थिक और सामाजिक रूप से सुरक्षित महसूस कर सकें। साथ ही परंपरागत देसी ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक शोध से जोड़कर बेहतर पोषण और स्वास्थ्य की दिशा में काम करने पर जोर दिया।

मुफ्त इलाज हर जरूरतमंद का अधिकार

अखिलेश यादव ने कहा कि सबसे बड़ा संकल्प यह होना चाहिए कि हर गरीब, शोषित, वंचित और जरूरतमंद व्यक्ति को मुफ्त इलाज, दवा, जांच और परामर्श मिले, और यह किसी तथाकथित कार्ड पर निर्भर न हो।

उन्होंने अपने वक्तव्य का समापन करते हुए कहा—
“असली बात बड़े परिवार की नहीं, सुखी और स्वस्थ परिवार की होती है। समग्र स्वास्थ्य मतलब बेहतर कल की बात।”