
Bihan Yojana Success Story: हर्राटिकरा की मनमेश्वरी बनीं आत्मनिर्भर, धान कुटाई मशीन से बदली तकदीर
अंबिकापुर के हर्राटिकरा गांव की मनमेश्वरी ने बिहान योजना से जुड़कर धान कुटाई मशीन लगाई और आत्मनिर्भर बनीं। स्व-सहायता समूह से मिली मदद ने बदली जिंदगी। पढ़ें पूरी खबर।
अंबिकापुर | 08 फरवरी 2026 |जिले के ग्रामीण अंचलों में महिलाएं अब केवल चूल्हे-चौके तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आर्थिक मोर्चे पर भी परिवार का नेतृत्व कर रही हैं। अंबिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत हर्राटिकरा की निवासी मनमेश्वरी आज उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो छोटे प्रयासों से बड़ा बदलाव लाने का सपना देखती हैं।

समूह से मिला संबल, बदली तकदीर
अल्पना स्व-सहायता समूह की सदस्य मनमेश्वरी की कहानी संघर्ष, साहस और आत्मविश्वास की मिसाल है। उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी के बीच ‘बिहान’ योजना (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) ने उन्हें नई राह दिखाई। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने ऋण लेकर अपने गांव में धान कुटाई मशीन स्थापित की।
मनमेश्वरी बताती हैं कि शुरुआत में उन्हें डर था कि लोन कैसे चुकाया जाएगा, लेकिन मशीन चलने के बाद आमदनी बढ़ने लगी। आज वे गर्व से कहती हैं कि पूरा लोन चुका चुकी हैं और अब हर महीने नियमित अतिरिक्त आय हो रही है।
परिवार की खुशहाली का नया जरिया
मनमेश्वरी के पति खेती-किसानी करते हैं। खेती की अनिश्चित आय के बीच धान कुटाई मशीन से होने वाली कमाई ने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर दी है। इससे उनके दो बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्चों को संभालना आसान हो गया है।
उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन के सहयोग से आज ग्रामीण महिलाएं उद्यमी बनकर आत्मनिर्भर हो रही हैं।
प्रशासनिक सहयोग से बढ़ रही महिला उद्यमिता
कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में जिले में स्व-सहायता समूहों को बैंक लिंकेज और तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है। मनमेश्वरी की सफलता यह साबित करती है कि अवसर और संसाधन मिलने पर महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनती हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देती हैं।








