सोनगरा गौठान में महिलाओ को मिली स्वावलंबन की राह,

सोनगरा गौठान में महिलाओ को मिली स्वावलंबन की राह,

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

मल्टी एक्टिविटी कर दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह सोनगरा की महिलाएं हो रही है सशक्त…

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

गोपाल सिंह विद्रोही प्रदेश खबर प्रमुख छत्तीसगढ़ सूरजपुर/16 सितंबर 2021/ छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी योजना गोधन न्याय योजना अंतर्गत कार्य कर रही महिलाएं अब समूह के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, इसका चरितार्थ सोनगरा गौठान जो अब आदर्श की श्रेणी में आ चुका है और प्रतापपुर विकासखंड में उपस्थित है, वहां शुरू से ही मल्टी एक्टिविटी सेंटर के रूप में मशरूम उत्पादन, आदर्श बाड़ी व ब्लैक राईस का उत्पादन कर उनकी पैकेजिंग का कार्य निरंतर कर रही हैं, साथ ही साथ कृषि विज्ञान केंद्र अजीरमा से समन्वय कर सुगंधित धान प्रोसेसिंग यूनिट भी अब गौठान में स्थापित हो चुका है जिससे क्षेत्र में हो रहे राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत सुगंधित धान का उत्पादन कर रहे किसानों से समन्वय स्थापित कर जीराफुल की कुटाई और पैकेजिंग का कार्य भी कर रही हैं, जिससे उनकी अब तक 10 हजार की कमाई हो चुकी है जो उनको आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है। आगामी खरीफ में जीराफुल की पूरी कटाई पूर्ण हो जाएगी तब किसानों से जीराफुल को एकत्र करके अच्छे से पैकेजिंग का कार्य कर 100 रुपये किलो जीराफुल चावल बेचने की कार्य योजना तैयार हो चुकी है इसके साथ-साथ सहेली महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बटेर पालन में अब तक 20 हजार की कमाई कर चुकी हैं। वह भी उनको इसी विज्ञान केंद्र अजीरमा से आदिवासी उपयोजना अंतर्गत निशुल्क प्राप्त हुआ था। कृषि विभाग के नोडल श्री अभिषेक सिंह, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा निरंतर इनका मार्गदर्शन किया जा रहा है। इनके नेतृत्व में सभी महिलाएं अब आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। गौठान में अब मुर्गी पालन शेड, बकरी पालन शेड, मशरूम उत्पादन यूनिट सभी निरंतर तैयार हो रहे हैं जो जल्दी ही पूर्ण हो जाएंगे। गोबर खरीदी का कार्य निरंतर चल रहा है, गुलाब महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन कर अब तक 01 लाख 76 हजार की आमदनी कर चुके हैं, जो अपने आप में एक अनूठा उदाहरण है और प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा भी सोनगरा गौठान का प्रशंसा किया जा चुका है। इसी कमाई से 50 हजार रुपये खर्च करके महिला समूह द्वारा किराना दुकान का संचालन किया जा रहा है जो अपने आप में एक बहुत बड़ा आर्थिक सशक्तिकरण का उदाहरण है। इन सभी गतिविधियों से प्रतीत होता है कि गोधन न्याय योजना एक सफल योजना हैं।