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अबूझमाड़ के असर्वेक्षित गांवों के किसानों को अब मिल सकेगा शासन की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ

अबूझमाड़ के असर्वेक्षित गांवों के किसानों को अब मिल सकेगा शासन की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ

कब्जे के सत्यापन के आधार पर तैयार प्रारंभिक अभिलेख अथवा मसाहती खसरा को आधार मानने के लिए शासन ने दी सैद्धांतिक सहमति

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप अबूझमाड़ क्षेत्र के 237 ग्रामों तथा नारायणपुर ब्लॉक के 9 असर्वेक्षित गांवों के किसानों को अब शासन की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ प्रारंभिक अभिलेख अथवा मसाहती खसरा को आधार मानकर दिया जाएगा। अबूझमाड़ एवं नारायणपुर के असर्वेक्षित गांव के किसानों को लाभान्वित किए जाने की सैद्धांतिक सहमति शासन द्वारा दे दी गई है। सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने असर्वेक्षित गांवों में से, वर्तमान में जिन ग्रामों में कब्जे के सत्यापन के आधार पर प्रारंभिक/अस्थायी भू-अभिलेख अथवा मसाहती खसरा तैयार किया जा चुका है, उसे अनुमोदन के लिए आयुक्त भू-अभिलेख को प्रेषित करने के साथ ही भुंइया पोर्टल में कब्जेदार की प्रविष्टि की जानकारी दर्ज कराने के निर्देश कलेक्टर नारायणपुर को दिए हैं, ताकि वैध कब्जेदारों को मनरेगा, धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, फसल बीमा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, वन अधिकारों की मान्यता सहित खेती-किसानी के लिए कृषि उपकरण एवं खाद-बीज, सिंचाई के लिए ट्यूबवेल आदि योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके।

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    गौरतलब है कि नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखण्ड के अबूझमाड़ क्षेत्र के 237 ग्राम तथा नारायणपुर ब्लॉक के 9 ग्रामों में अभी तक राजस्व सर्वेक्षण नहीं हुआ है। असर्वेक्षित ग्रामों के किसानों को कृषि संबंधी अभिलेख न होने के कारण शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश के परिपालन में अबूझमाड़ क्षेत्र के असर्वेक्षित गांवों के किसानों को प्रारंभिक अभिलेख अथवा मसाहती खसरा के आधार पर लाभान्वित किए जाने का आदेश आज राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग मंत्रालय द्वारा जारी कर दिया गया है।
    मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में 6 मार्च 2021 को आयोजित बैठक में अबूझमाड़ क्षेत्र का सर्वे का कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत पूर्ण करने के साथ ही वर्तमान में कब्जे के सत्यापन के आधार पर तैयार किए गए अस्थायी/प्रारंभिक भू-अभिलेख को आधार मानकर कब्जेदारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ दिए जाने की सैद्धांतिक सहमति दी गई। उक्त असर्वेक्षित गांवों के किसानों को अब प्रारंभिक भू-अभिलेख अथवा मसाहती खसरा के आधार पर मनरेगा के तहत भूमि समतलीकरण एवं डबरी के निर्माण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत आदान सहायता, फसल बीमा तथा ट्यूबवेल, खाद-बीज, खेतों को घेरा करने, कृषि उपकरण प्रदान करने के साथ ही वनाधिकार मान्यता प्रमाण पत्र से लाभान्वित किया जा सकेगा। राजस्व विभाग के सचिव ने अबूझमाड़ क्षेत्र के असर्वेक्षित गांवों का प्रारंभिक/मसाहती नक्शा एवं भू-अभिलेख तैयार करने हेतु समयबद्ध कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश भी कलेक्टर नारायणपुर को दिए हैं।

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