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One Nation One Election: ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ पर मोदी कैबिनेट की मुहर, भड़की कांग्रेस, जानिए क्या कहा?

One Nation One Election: ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ पर मोदी कैबिनेट की मुहर, भड़की कांग्रेस, जानिए क्या कहा?

One Nation One Election News: वन नेशन-वन इलेक्शन पर गुरुवार 12 दिसंबर को मोदी कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। अब इसे जल्द ही संसद में पेश किया जा सकता है। रिपोर्ट्स की मानें तो यह विधेयक संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सकता है। सरकार उन विधेयकों पर व्यापक चर्चा करने के लिए इच्छुक है।

सितंबर में सरकार ने लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के लिए चरणबद्ध वन नेशन-वन इलेक्शन कराने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया था। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी इस समिति ने देश भर में आम सहमति बनाने के बाद 11 सिफारिशें की थीं।

हालांकि, अब वन नेशन-वन इलेक्शन राजनीति भी शुरू हो गई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के नेताओं के बयाने सामने आए है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि अगर इसमें कोई बात पूर्ण नहीं है या उचित नहीं है विपक्ष उसे होने नहीं देगा। हम एक बात तो समझ सकते हैं कि इससे समय बचेगा लेकिन एक बात समझ नहीं आ रही है कि इससे GDP में बढ़ोतरी कैसे होगी?”

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा कि सवाल यह है कि वे सदन को क्यों नहीं चलने दे रहे हैं? वे जानबूझकर साजिश के तहत ऐसा कर रहे हैं। कल वे अध्यादेश लाएंगे और कहेंगे कि सदन नहीं चल रहा था इसलिए हमें अध्यादेश लाना पड़ा। वे विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दे रहे हैं… वे जो चाहें कर रहे हैं क्योंकि उनके पास संख्या है।

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शिवसेना (UBT) नेता अरविंद सावंत ने ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ पर कहा कि इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की आवश्यकता है। यह आसान नहीं है। यह एक ऐसा विषय है जिस पर विस्तृत चर्चा की आवश्यकता है। मुझे लगता है कि इसके लिए अब संयुक्त संसदीय समिति की आवश्यकता है। उन्हें संयुक्त संसदीय समिति का गठन करना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि हर किसी के अपने-अपने विचार हैं। हमें देश के संघवाद, देश के लोकतंत्र… धर्म, भाषा, क्षेत्रवाद के संदर्भ में विविधता को समझना चाहिए। वहीं, JMM सांसद महुआ माजी ने कहा कि भाजपा सरकार तो लगातार चाह रही है कि ये हो लेकिन इससे स्थानीय पार्टीयों को बहुत ज्यादा नुकसान होगा।

कांग्रेस एमएलसी बीके. हरिप्रसाद ने कहा कि वे(केंद्र सरकार) चार चुनाव (कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड) एक साथ नहीं करा सके और वे सभी राज्यों की विधानसभा और 545 लोकसभा सीटों के चुनाव एक साथ कराने की बात कर रहे हैं। यह हास्यास्पद है। वे अडानी, भ्रष्टाचार और मणिपुर जैसे गंभीर मुद्दों के ध्यान भटकाना चाहते हैं।

वन नेशन-वन इलेक्शन क्या है?

वन नेशन-वन इलेक्शन के तहत देशभर में एक ही समय पर लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव कराए जाएंगे। अभी भारत में अलग-अलग समय पर चुनाव होते हैं, जिससे प्रशासन, विकास कार्य और सरकारी संसाधनों पर असर पड़ता है। पीएम मोदी और उनकी सरकार लंबे समय से इस विचार को आगे बढ़ा रही है। इसे देश के समय और संसाधनों की बचत के लिए जरूरी कदम माना जा रहा है।

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