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30 दिसम्बर 2021 – आज का भविष्य एवं सफलता के उपाय।

30 दिसम्बर- भविष्य एवं सफलता के उपाय

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उपाय क्यों करे ?

1-राशिफल पढ़ कर शुभ –अशुभ तो ज्ञात हो जायेगा परन्तु उपाय ही अशुभ की चिंता से (मानसिक एवं व्यवहारिक रूप से ) मुक्त कर सकते हें |
2-दैनिक नियमित देव पूजन से भी अधिक उपयोगी उपाय क्योकि दिन,नक्षत्र , तिथि के देवता जन्य शुभ –अशुभ परिणाम होते हैं ,इसलिए अनिष्ट का नियंत्रण इनके देवताओं से सम्बंधित उपाय करने से ही हो सकता है –
संभावित अनिष्ट का प्रयास प्रतिरोध आवश्यक-
देवाधिदेव शिव का कथन भी है –“प्रयास से अभीष्ट कार्य पूर्ण होते है ।”
सभी उपाय आवश्यक नहीं जो सहज संभव हो उनका प्रयोग करे ।

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30दिसंबर – भविष्य -नाम के प्रथम अक्षर से-
– कर्क,वृश्चिक,मीन राशी वाले बाधा नाश के लिए उपाय अवश्य करे ।
-नाम के प्रथम अक्षर (व्यक्ति,वस्तु,कम्पनी,स्थान का नाम ) वालो के लिए दिन सुख बाधक – इ,उ,एं,ह,ड,न.य.द,च,प,ओ,ब,व, । शेष समस्त नाम अक्षर हेतु उत्तम रहेगा l

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दिन दोष उपाय –
-तुला,मकर राशी / नाम र,त,ख,ज,से प्रारंभ हो उनको निम्न उपाय करना चाहिए-
-स्नान जल मे मिला नदी या तीर्थ जल,-चमेली पुष्प ,सफेद के अभाव मे
पीली सरसों ,गूलर ,मुलेठी ,मिला कर स्नान करे ।
2– दान-
पीला अनाज ,चना,शकरपीले पुष्प .हल्दी,केसर।
पीला वस्त्र पीला फल पपीता केला आदि दान करे।
3-दान किसको दे –
गुरु,ज्ञानी पुरुष,ब्राह्मण या ज्ञान,शिक्षा कर्म करने वाले को या
शिक्षण संस्था,शिक्षक,विष्णु,कृष्ण,राम मंदिर मे दान करना चाहिए ।
3- प्रस्थान पूर्व खाएं–––दही curd,जीरा ।
ब्रह्माण्डपुराण मन्त्र-
-देवमन्त्री विशालाक्ष: सदा लोकहिते रत:।
अनेकशिष्यसम्पूर्ण: पीडां हरतु मे गुरु: ।।
सर्वदा लोक कल्याण में निरत रहने वालेदेवताओं के मंत्रीविशाल नेत्रों वाले
तथा अनेक शिष्यों से युक्त बृहस्पति मेरी पीड़ा को दूर करें ।।
वैदिक मन्त्र – ॐ बृहस्पते अति यदर्यो अर्हाद् द्युमद्विभाति क्रतुमज्जनेषु। यद्दीदयच्छवस ऋतुप्रजात तदस्मासु द्रविणं धेहि चित्रम्।। (यजु. 26।3) एक बार ॥
या पौराणिक मंत्र -108 बारॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरूवे नमः ॥
जैन मंत्र-
ॐ ह्रीं णमो आयरियाणं ।ॐ ह्रीं गुरु ग्रहारिष्ट निवारकश्री महावीर जिनेन्द्राय नम
सर्वशांतिं कुरु कुरु स्वाहा।मम (.अपना नाम ) दुष्ट ग्रह रोग कष्ट निवारणं सर्वशांतिं कुरू कुरू हूँ फट् स्वाहा।
तिथि दोष उपाय –
तिथि दोष के उपाय किन रशिवालो को करना चाहिये –मेष ,वृश्चिक राशी वाले बाधा नाश के लिए ।
–आँवले को स्नान जल में मिलाये ।
शिम्बी(सेम),मटर, परवल, चावल या चावल से बने कोई भी भोजन पदार्थ भोज्य पदार्थ वर्जित । दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।
– जौ ,फल, शाक सब्जी ,रस, शरबत आदि लीजिए।आलू,सेंधा नमक प्रयोग करिए।
कार्य के पूर्व मन्त्र – राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।
-ॐ विश्वेदेवाय नम:। विष्णवे नम:।
पारिवारिक कलह रोकने का उपाय-विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें ।
नक्षत्रजन्य दोष शांति के उपाय –
अग्रलिखित के दर्शन,दान,स्मरण,प्रसन्नता एवं पालन पोषण के उपाय उपयोगी कामना पूरक एवं विघ्न नाशक होंगे – -पूज्य वृक्ष: कटाई, नागकेशर; प्राणी को भोजन — : वाघ; -लाल पुष्पों से इंद्राग्नि का पूजन ।
इन्द्राग्नी तविषाणि वां सधस्थानि प्रयांसि च । युवोरप्तूर्यं हितम् ॥ऋग्वेद-03.08.12
(जो वायु और बिजुली के संयोग के समान परस्पर सेना और सेना के स्वामी प्रेमभाव से विरोध छोड़ के वर्त्ताव करें, तो संपूर्ण मनोरथ सिद्ध हों ॥८)भावार्थ -दयानद सरस्वती ।
ॐ इन्द्रान्गीभ्यां नम: । ॐ विशाखाभ्यां नमःl

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