Advertisement

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मनरेगा में कार्यरत प्रदेश भर की 140 महिला मेटों का सम्मान

रायपुर : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मनरेगा में कार्यरत प्रदेश भर की 140 महिला मेटों का सम्मान

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल हुए


महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए – सिंहदेव

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल हुए

राज्य मनरेगा कार्यालय द्वारा मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी अधिनियम) के अंतर्गत प्रदेश भर में कार्य कर रहीं 140 महिला मेटों को सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को ‘आइकॉनिक वीक (ICONIC Week)’ के रूप में मनाते हुए मनरेगा में महिलाओं की लगातार बढ़ रही भागीदारी में महिला मेटों की भूमिका को रेखांकित कर हर जिले से पांच-पांच महिला मेटों का सम्मान किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव कार्यक्रम में मणिपुर से ऑनलाइन शामिल हुए। उन्होंने मनरेगा कार्यों से ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को जोड़ने के लिए महिला मेटों की सराहना की। उन्होंने योजना से जुड़े सभी महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई और शुभकामना भी दी।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल हुए

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सिंहदेव ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इससे समाज की मुख्य धारा उनके काम और हुनर से परिचित भी होगी। महिलाओं और पुरूषों की समता वाले समाज का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में हर जिले से पांच श्रेष्ठ महिला मेटों को सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में प्रत्येक जनपद पंचायत या विशेष भौगोलिक क्षेत्र में अच्छा काम कर रही महिला मेट भी अपने कार्यों से ऐसे सम्मान की हकदार बनेंगी।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल हुए

सिंहदेव ने महिला मेटों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं पर घर के कामों की जवाबदारी होती है। उनके योगदान का कभी आर्थिक आंकलन नहीं हो पाता है। शासन द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले कार्यों में महिलाओँ को पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें वास्तविक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाया जा सकता है। मैदानी स्तर पर महिलाओं को बराबरी का अवसर देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त कर सकते हैं, ताकि वे अपने परिवार में हर मोर्चे पर बराबरी से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सके। श्री सिंहदेव ने कहा कि पंचायतीराज कानून के नए स्वरूप में स्थापित होने के बाद महिलाओं की सशक्त मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। मेरिट और आरक्षण के माध्यम से जो महिलाएँ आगे आ रही हैं, वे अपने परिवार और समाज को भी सशक्त कर रही हैं।

राज्य मनरेगा कार्यालय द्वारा “आगे बढ़ने की आजादी” की थीम पर इस सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा की महिला मेट सविता यादव, कांकेर की धामनी भास्कर और बालोद की महिला मेट कोमिन साहू जो बैंक सखी के रूप में भी सेवाएं दे रही हैं, ने अपने कार्यों के अनुभव साझा किए। सभी जिला पंचायतों के अध्यक्ष, कलेक्टर, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विकास के उप सचिव एवं अपर आयुक्त, मनरेगा अशोक चौबे, सम्मानित महिला मेटों के ग्राम पंचायत के सरपंच और मनरेगा की राज्य व मैदानी टीम के अधिकारी-कर्मचारी कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाए गए: मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47