
सखी वन स्टाप सेंटर पीड़ित महिलाओं को एक स्थान पर सहायता देने वाली संस्था- जिला कार्यक्रम अधिकारी

ब्यूरो चीफ/सरगुजा// जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ज्योति मिंज ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत सखी वन स्टाॅप सेन्टर का संचालन 24X7 किया जा रहा है। यह पीड़ित एवं प्रताड़ित जैसे- घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना, लैंगिक हिंसा, टोनही प्रताड़ना, एसिड अटैक, भटकती अवस्था, छेड़छाड़, धोखाधड़ी, दैहिक शोषण, बाल विवाह, बलात्कार, सायबर अपराध इत्यादि से पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे तत्काल सुविधा एवं सहायता उपलब्ध कराने वाली संस्था है। यह संकटग्रस्त महिलाओं को एक छत के नीचे बिना किसी भेदभाव के चाहे वह किसी भी उम्र, वर्ग, जाति, धर्म के है शैक्षणिक स्तर, वैवाहिक स्तर, सभ्यता व संस्कृति की हो, को एकीकृत रूप से आवश्यकतानुसार विधि-सम्मत कार्यवाही करते हुए सुविधा एवं सहायता उपलब्ध कराती है। इसके अंतर्गत चिकित्सकीय, सहायता, आपातकालीन सहायता एवं बचाव, विधिक परामर्श, विधिक सलाह, विधिक सहायता, महिलाओं को पुलिस सहायता के अंतर्गत एफ.आई.आर, डी.आई.आर करने में सहायता उपलब्ध कराना, मनोवैज्ञानिक सामाजिक परामर्श, सलाह व सहायता, आपातकालीन अस्थायी आश्रय सुविधा आदि सेवाएं एवं सहायता उपलब्ध कराती है। किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, अवैध व्यापार, नीचा दिखाया जाना, एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं को विशिष्ट सहायता उपलब्ध कराती है। सखी सेंटर अम्बिकापुर की प्रभारी सुमन द्विवेदी ने बताया कि प्रारंभ से लेकर वर्तमान तक कुल 810 प्रकरण दर्ज किये गये है। जिनमें 778 प्रकरणों में पीड़ित महिलाओं को सखी द्वारा आवश्यकतानुसार विधि-सम्मत कार्यवाही करते हुए सुविधा व सहायता प्रदान की जा चुकी है तथा 32 प्रकरण प्रक्रियाधीन है। अब तक 327 पीड़िताओं को सखी केंद्र में आश्रय दिया गया तथा 33 पीड़ित महिलाओं को जिला विधिक प्राधिकरण भेज गया। 40 पीड़िताओं के प्रकरणों में एफ.आई.आर दर्ज कर पुलिस सहायता प्रदान किया गया है। इकसे साथ ही 316 पीड़ित महिलाओं को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराया गया है। 532 प्रकरणों को काउंसिलिंग के माध्यम से निराकृत किया गया। इसमे से 225 प्रकरणों में काउंसिलिंग कर टूटते घरों को बचाया गया। सखी केंद्र में आश्रय ली हुई 25 पीड़ित महिलाओं को स्थायी पुनर्वास करते हुए स्वधार गृह भेज गया। 17 पीड़िताओं को स्थायी पुनर्वास करते हुए नारी निकेतन भेज गया। 3 पीड़िताओं को उज्ज्वला होम भेज गया। भटकती अवस्था मे लाई गई 4 पीड़िताओं के मानसिक उपचार के लिए मानसिक चिकित्सालय भेजा गया। गम्भीर रूप से जली हुई महिला को संजीवनी 108 से उपचार हेतु मेकाहारा रायपुर भेज गया। ऐसी महिलाएं जो अन्य राज्यों में फंसी थी इन महिलाओं को अन्य राज्यों से वापस लाते हुए उनके परिवार जनों के साथ काउंसलिंग कर उन्हे उनके परिवार व घर तक वापस पहुंचाया गया। कोविड-19 के प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए लॉकडाउन की अवधि में संवेदनशील कार्य करते हुए पीड़ित महिलाओं की रेस्क्यू और शेल्टर देते हुए सहायता उपलब्ध करायी गयी।









