सरगुजा पुलिस द्वारा नई तकनीक के माध्यम से तकनीकी पहुलओं का सुक्ष्म अवलोकन कर किया गया मामले का खुलासा।

बड़ी अनहोनी होने का झांसा देकर महिला से ठगी करने के मामले में सरगुजा पुलिस को मिली बड़ी सफलता। पुलिस अधीक्षक सरगुजा भावना गुप्ता ने स्वयं मामले की कमान संभाल कर त्वरित कार्यवाही करने हेतु दिये गये थे दिशा निर्देश।
थाना कोतवाली द्वारा मामले में शामिल 04 शातिर अंतर्राज्यीय आरोपियों को मेरठ उत्तर प्रदेश से किया गया गिरफ्तार।
सरगुजा पुलिस द्वारा नई तकनीक के माध्यम से तकनीकी पहुलओं का सुक्ष्म अवलोकन कर किया गया मामले का खुलासा। आरोपियों से घटना में प्रयुक्त दुपहिया वाहन एवं 04 नग मोबाईल, 75 ग्राम सोना किया गया बरामद। आरोपियों द्वारा शहर में घटना कारित करने पश्चात मनेन्द्रगढ़ में भी ठगी की घटना को दिया गया था अंजाम।
घटनास्थल के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालने के पश्चात आरोपियों की कि गई पहचान ।

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प्रार्थिया निशा अग्रवाल साकिन सुरजपुर हा.मु. अम्बिकापुर द्वारा थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि घटना दिनांक 15.01 23 के शाम को पुराना बस स्टैण्ड के पास अपनी भतीजी के साथ काम से गई थी, 02 अज्ञात व्यक्ति मोके पर पहुंचकर प्रार्थिया से पतंजली स्टोर का पता पृछ रहे थे, जानकारी नहीं होने की बात बोलकर आगे बढ़ जाने पर दोनों अज्ञात व्यक्तियों द्वारा प्रार्थिया को रोककर उसके घर में किसी बड़ी अनहोनी होने की बात कहकर अपने झांसे में लेकर पूजा पाठ कर समस्या से निजात दिलाने हेतु भरोसा दिलाया गया. प्रार्थिया झांसे में आकर दोनों अज्ञात व्यक्तियों के कहने के अनुसार अपने पहने हुये सोने के जेवरात एवं नगद 1200 रुपये निकालकर भतीजी को दी एवं दोनों अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पीछे नहीं देखने की बात बोलकर प्रार्थिया को आगे भेज दिये, प्रार्थिया के आगे जाने पर दोनों अज्ञात आरोपियों द्वारा उसकी भतीजी से सोने के जेवरात एवं नगद रकम लेकर अपने अन्य दो साथियों के साथ मोके से दुपहिया वाहन से फरार हो गये, ठगी का एहसास होनेपर प्रार्थिया द्वारा घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, तत्काल मामले में सदर धारा 420, 34, 411| भादसं का अपराध पंजीबंद कर विवेचना में लिया गया ।

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मामले को संज्ञान में लेकर पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज राम गोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के सतत मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्रीमति भावना गुप्ता (भा.पु.से.) के निर्देशन में तत्काल एक विशेष टीम का गठन कर मामले की कमान स्वयं पुलिस अधीक्षक सरगुजा ने संभाल रखी थी एवं पुलिस टीम को घटना में शामिल आरोपियों का पता तलाश कर शीघ्र गिरफ्तार करने हेतु दिशा निर्देश दिये गये थे, इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक स्मृतिक राजनाला (भा.पु.से.), पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (ग्रामीण) अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में थाना प्रभारी कोतवाली उप निरीक्षक रूपेश नारंग द्वारा मामले की जांच विवेचना कर ठगी के मामले में शामिल आरोपियों के गिरफ्तारी की सतत प्रयास किया जा रहा था. इसी प्रकार की घटना मनेन्द्रगढ़ में भी होने की जानकारी सरगुजा पुलिस को प्राप्त हुई थी।

दौरान जांच विवेचना घटनास्थल के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालने के पश्चात साइबर सेल अम्विकापर से तकनीकी जानकारी संयुक्त प्राप्त कर विशेष टीम को मेरठ उत्तरप्रदेश भेजा गया, पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये घेराबंदी कर 04 शातिर अन्तर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, गिरफ्तार आरोपियों से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर अपना नाम सादिक, जाफर, अकिल, दिवाकर सभी साकिन मेरठ उत्तर प्रदेश का होना बताए, एवं प्राथिया से बड़ी अनहोनी होने की बात कहकर झांसे में लेकर ठगी की घटना कारित करना स्वीकार किया गया एवं घटना में प्रयुक्त दुपहिया वाहन को आरोपियों की निशानदेही पर बरामद किया गया है, आरोपियों के कब्जे से 04 नग मोबाइल, 75 ग्राम सोना बरामद किया गया है. मामले में प्रार्थिया द्वारा आरोपियों की पहचान की गई है आरोपियों के विरूद्ध अपराध सबूत एवं घटना कारित करना पाये जाने से विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाता है।

सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी उप निरीक्षक रूपेश नारंग, उप निरीक्षक डाकेश्वर सिंह, सहायक उप निरीक्षक भूपेश सिंह, विवेक पाण्डेय, प्र. आरक्षक भोजराज पासवान, आरक्षक सतेन्द्र दुबे, बृजेश राय, अशोक यादव, अमित विश्वकर्मा, कुंदन सिंह, मुकेश चौधरी, गणेश कदम, शिव राजवाडे एवं साइबर सेल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कार्यवाही में मनेन्द्रगढ़ पुलिस टीम से निरीक्षक सचिन सिंह, सहायक उप निरीक्षक विनय तिवारी, प्र. आरक्षक इस्तेयाक,आरक्षक शंभू यादव, पुस्कल सिन्हा शामिल रहे।