डीएवी पब्लिक स्कूल में एलकेजी के बच्चों को दाखिला दिलाने एनएसवाई एवं यूथ कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

डीएवी पब्लिक स्कूल में एलकेजी के बच्चों को दाखिला दिलाने एनएसवाई एवं यूथ कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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गोपाल सिंह विद्रोही/बिश्रामपुर/ डीएवी पब्लिक स्कूल विश्रामपुर में एलकेजी की कक्षा में प्रवेश दिलाने को लेकर यूथ कांग्रेस एवं एनएसवाई सूरजपुर ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर विद्यालय में प्रवेश दिलाने की मांग की है, तो वही विद्यालय प्रबंधन ने एसईसीएल की आवासीय क्वार्टरों में अवैध प्रवेश कर रहने वाले शासकीय कर्मचारियों एवम गैर शासकीय लोगों को बच्चों को प्रवेश न देने का निर्णय लिया है, जिससे एनएसयूआई एवं यूथ कांग्रेश नाराजगी व्यक्त करते हुए आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन में सूरजपुर जिला यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष अभिषेक सिंह सोमू एवं एनएसयूआई की प्रदेश महासचिव कोनेन अंसारी ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन में उल्लेख किया है कि डी.ए.व्ही. पब्लिक स्कूल विश्रामपुर के प्राचार्य के द्वारा बच्चों को शिक्षा से वंचित करने व उनके शिक्षा के मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है

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स्कूल प्रबंधन द्वारा कुछ माह पहले छोटे बच्चों के प्रवेश हेतु एल. के. जी. फार्म भरवाया गया था तथा अभिभावकों को कहा गया कि प्रवेश सूची जल्द ही प्रकाशित की जायेगी। कई माह बितने के बाद प्रवेश सूची जारी की गई तब उसमें बहुत से बच्चों का नाम नहीं था। इस मामले को लेकर जब अभिभवकों के द्वारा स्कुल प्रबंधन व प्राचार्य से संपर्क किया गया व उनसे पुछा गया कि हमारे बच्चों का नाम सूची में क्यों नहीं आया तब प्रबंधन द्वारा संतोषजनक जवाब न देते हुए बताया गया कि आपने एस.ई.सी.एल. की भूमि पर मकान बनाया है या आप एस.ई.सी.एल. के क्वाटर में रहते है इसलिए आपका बच्चा हमारे डी.ए.व्ही स्कूल में नहीं पढ़ सकता है जबकि कई ऐसे व्यापारी व अधिकारी वर्ग के अभिभावकों के बच्चों का नाम सूची में है जो पिछले कई वर्षो से एस. ई. सी. एल. भूमि व एस.ई.सी.एल. के क्वाटर में काबिज है और इनके बच्चे पहले से भी इसी विद्यालय में अध्ययनत है। दोहरा मापदंड अपनाकर गरीब माता पिता क्या अपने बच्चों को ऐसे विद्यालयों में नहीं पढ़ा सकते गरीब व्यक्ति अपना जीवन यापन करने हेतु छोटी सी जगह पर अपना आवास बनाकर रहता है तो क्या उन बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ने का अधिकार नहीं है। ज्ञापन में उल्लेख है कि कि प्रवेश फार्म जमा करवाते समय विद्यालय प्रबंधन द्वारा ऐसे कोई भी नियम न तो अभिभावकों को बताया गया और ना ही नोटिस बोर्ड पर लगाया गया था। शिक्षा का मौलिक अधिकार (आर.टी.ई. 2009) के तहत हर बच्चों को शिक्षा प्रदान कराना मुख्य रूप से अनिवार्य है जबकि कि इसके ठीक विपरित जा कर डी.ए.व्ही पब्लिक स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चे के शिक्षा के मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है जो कि कानून जुर्म है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि मामले को संज्ञान में ले कर उचित कार्यवाही करने की कृपा करें ताकि बिना किसी भेद-भाव के सभी वर्गों के बच्चों का विद्यालय में एडमिशन हो सके तथा विद्यालय प्रबंधन को भी निर्देशित किया जाये कि इस तरह के तुगलकी फरमान को तत्काल वापस लेते हुए भविष्य में ऐसे गलतियों की पुर्णावृत्ति ना हो ज्ञापन सौंपने वालों में इंडियन यूथ कांग्रेस की जिला अध्यक्ष कार्यकारी जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह सोमू,एनएसयूआई की प्रदेश महासचिव कोने अंसारी ,सचिव कुंदन विश्वकर्मा, शाहरुख खान, हर्ष दनोडिय, पार्षद संजीत यादव ,राजेश साहू, विशाल रवि, आदित्य विश्वकर्मा, दीपक रवि, सनी कुजुर, ज्ञानेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह ,अहमद रजा मनीष देवांगन, प्रियांशु साहू ,दीपक रजवाड़े, शिव कुमार रजवाड़े आदि शामिल थे

राइट एजुकेशन का पूरा पालन कर रहा है स्कूल प्रबंधन एसईसीएल अवासो में अनाधिकृत रूप से रहने वाले व्यक्तियों पर रोक लगाने हेतु विद्यालय प्रवेश समिति का निर्णय
डीएवी पब्लिक स्कूल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि विद्यालय प्रतिवर्ष नवीन सत्र के लिए एलकेजी में बच्चों का प्रवेश देता है, जो इस सत्र में भी 13 मार्च से 28 मार्च तक ऑनलाइन फार्म भरने का समय निर्धारित किया था। एसईसीएल की कालरी कर्मचारियों के बच्चों का 19 अप्रैल की सूची निकाली गई जिसनमें 35 बच्चों का प्रवेश हेतु सूची निकली ,शेष (पूरक)) बच्चों का दूसरी सूची निकलेगी। कालरी कर्मचारियों पर निर्भर 21 बच्चों की सूची निकलेगी। 25 प्रतिशत राइट एजुकेशन (शिक्षा के अधिकार) के तहत बच्चों को दाखिला लिया जाएगा। शेष सीटों के लिए लाटरी के माध्यम से निकाली जाएगी। एलकेजी में कुल 135 का सीट निर्धारित है इससे ज्यादा बच्चों का दाखिला नहीं लिया जा सकता।