आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाएं – एल्मा

आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाएं – एल्मा

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कलेक्टर ने ली जिला पंचायत, पशु चिकित्सा और नगरपालिका अधिकारियों की बैठक

सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाने के दिए निर्देश

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बेमेतरा – सड़कों पर घुमने वाले पशुओं की समस्या और इसका समाधान विभिन्न क्षेत्रों में एक बड़ी समस्या हैं और इसका समाधान विभिन्न तरीकों से किया भी जाता हैं। इसी को लेकर कलेक्टर पदुम सिंह एल्मा ने आज जिला पंचायत, नगर पालिका जनपद पंचायत, पशुधन विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने खुले में चराई की प्रथा पर रोक लगाने तथा पशुधन प्रबंधन की व्यवस्था को बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने ग्रामीणों, किसानों और पंचायत पदाधिकारियों को गांव में बैठक कर पशुओं के सड़क पर न आये ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया हैं। उन्होंने कहा कि इससे संभावित दुर्घटना को रोका जा सकता हैं। गुरुवार को मुख्य सचिव ने वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये भी सड़क पर घूमने वाले पालतु एवं आवारा पशुओं को हटाने और उन्हें सुरक्षित जगह रखने तथा उनके चारा पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
एल्मा ने कहा कि नगरीय ईलाकों एवं ग्राम पंचायतों में इस बात की मुनादी की जाए कि मवेशी पालक अपने मवेशियों के रख-रखाव का उचित प्रबंध सुनिश्चित कर लें अन्यथा शहरों एवं सड़कों पर खुले में घूमने वाले पशुओं को नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा गौठानों में रखने की व्यवस्था की जाएगी और संबंधित पशुपालकों पर नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई भी की जाएगी। नगरीय इलाकों में विशेषकर सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों पर भी कड़ाई से प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने ने निर्देश दिए। उन्होंने जिलें के सभी गौशाला को अपडेट करने के साथ ही क्षेत्र के अनुसार पशु, मवेशियों की संख्या का विवरण रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम के सचिव व रोजगार सहायक से पशुओं का विवरण लेने को कहा। पशु चिकित्सा को सारे पशुओं की टैंगिग करने व रेडियम और बेल्ट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलें के सभी कांजी हाउस को अपग्रेड करने को कहा। कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती लीना कमलेश मंडावी, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. राजेंद्र भगत, मुख्य नगरपालिका अधिकारी भूपेन्द्र उपाध्याय सहित जिलें के सभी सीईओ जनपद, कृषि, पंचायत ग्रामीण विकास विभाग एवं नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर ने ऐसे शहर व नगर के चौराहों, तिराहों, सड़कों को चिन्हकित करने को कहा जहां पर मवेशी झुंड में घूमते या बैठते हैं। उन आवारा पशुओं के लिए अभियान चला कर सुरक्षित स्थान पर रखा जाए या पशु पलकों को सौपें और उन्हें समझाएं कि पशुओं कों खुला ना छोडे़। बैठक में उन्होंने कहा कि पशुओं के सड़कों पर आने-जाने से वाहन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिससे लोगों के साथ-साथ पशुओं के जान का भी खतरा होता हैं। पशुओं के सुरक्षा के लिए हमें उनके खाने की व्यवस्था, निकटवर्ती गौठान या अन्य खुले जगहों पर खाने की व्यवस्था करने से पशुओं को सड़कों पर भोजन ढूंढने की आवश्यता नहीं होगी और सड़क दुुर्घटना नहीं होगी। पशुओं के लिए पर्याप्त पीने का पानी की सुविधा और आहार से संबंधित अवशेषों को सड़कों से हटाकर एक सुरक्षित स्थान पर नियमित रूप से निकालने की व्यवस्था की जाए। लोगों को पशुओं के सड़कों पर आने के प्रभावों के बारे में जागरूक करने और उन्हें सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने के लिए कहा जाये।