
स्वस्थ पंचायत के निर्माण में योग की अहम भूमिका, ग्रामीण स्वास्थ्य और सामुदायिक एकता पर जोर: पंचायती राज मंत्रालय
पंचायती राज मंत्रालय ने कहा है कि योग एक स्वस्थ पंचायत के निर्माण का प्रभावशाली और सुलभ माध्यम है। नियमित योगाभ्यास से ग्रामीणों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ सामुदायिक एकता को बढ़ावा मिलता है।
नई दिल्ली। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार ने स्वस्थ पंचायत की अवधारणा को सशक्त करने में योग की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। मंत्रालय के अनुसार नियमित योगाभ्यास न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करता है।
मंत्रालय ने कहा कि योग एक सुलभ और प्रभावशाली माध्यम है, जिसे अपनाकर ग्राम पंचायतें अपने नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। सामूहिक योग अभ्यास से ग्रामीण समाज में सामुदायिक एकता बढ़ती है और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी विकसित होती है।
यह पहल स्वस्थ भारत, ग्रामीण विकास और विकसित भारत के विजन के अनुरूप है, जिसमें पंचायतों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और समग्र कल्याण का केंद्र बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मंत्रालय ने पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से दैनिक जीवन में योग को अपनाने का आह्वान किया है।












