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बजट 2025: सड़कें बनेंगी, पुल तैयार होंगे, हर घर में बहेगा पानी

छत्तीसगढ़ विधानसभा में उपमुख्यमंत्री अरुण साव के विभागों के लिए 15,386 करोड़ की अनुदान मांगें पारित
लोक निर्माण विभाग के बजट में 2030 तक सड़कों के व्यवस्थित विकास की कार्ययोजना

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गांवों और वनांचलों में हर परिवार तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री नगरोत्थान और मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना होगी शुरू

जल संवर्धन, न्यायालयों के आधुनिकीकरण और नगरीय विकास के लिए विशेष बजट प्रावधान

रायपुर, 08 मार्च 2025 – छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज उपमुख्यमंत्री अरुण साव के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत 15,386 करोड़ 42 लाख 47 हजार रुपए की अनुदान मांगें पारित की गईं। इसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, लोक निर्माण विभाग, न्याय प्रशासन एवं निर्वाचन, नगरीय कल्याण और विदेशी सहायता प्राप्त परियोजनाएं शामिल हैं।

बजट में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना और मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना शुरू करने की घोषणा की गई, जिनके लिए क्रमशः 500 करोड़ और 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

भू-जल रिचार्ज और जल संवर्धन कार्यों के लिए 2 करोड़, न्यायालयों के आधुनिकीकरण और कम्प्यूटरीकरण के लिए 36.90 करोड़, नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता के लिए 3,123.45 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि आजादी के 60 वर्षों बाद भी गांवों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने की चुनौती बनी हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जल जीवन मिशन की परिकल्पना इसी समस्या के समाधान के लिए की गई। 2019 से जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया।

राज्य में 22,389.99 करोड़ रुपए लागत की 29,173 सिंगल विलेज एवं रेट्रोफिटिंग योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा 3,212 गांवों के लिए 4,166.50 करोड़ रुपए की लागत से 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं भी मंजूर हुई हैं। इससे 50 लाख 4 हजार ग्रामीण परिवारों को लाभ मिलेगा।

अब तक 40 लाख 10 हजार ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इस मिशन के तहत हर व्यक्ति को 55 लीटर प्रतिदिन जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

2025-26 के बजट में जल जीवन मिशन के लिए 4,500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा:

हैंडपंपों के संधारण के लिए – 28.51 करोड़ रुपए
ग्रामीण नल जल योजनाओं के संधारण के लिए – 28.51 करोड़ रुपए
समूह जल प्रदाय योजनाओं के संचालन/संधारण के लिए – 8 करोड़ रुपए
नाबार्ड पोषित सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के लिए – 3.50 करोड़ रुपए
भू-जल संवर्धन कार्यों के लिए – 2 करोड़ रुपए
शहरी क्षेत्रों में नलकूप खनन के लिए – 2.60 करोड़ रुपए
प्रगतिरत नगरीय पेयजल योजनाओं में अनुदान – 56.37 करोड़ रुपए
लोक निर्माण विभाग
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सड़कों का निर्माण केवल आवागमन के लिए नहीं, बल्कि विकास की दिशा तय करने के लिए भी आवश्यक है।

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राज्य में 323 किलोमीटर लंबाई की सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा सीआरआईएफ योजना के तहत 892.36 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य जिला मार्गों पर संकीर्ण एवं कमजोर पुलों के पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।

केंद्र सरकार ने सात रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण के लिए 356.71 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।

2001 में लोक निर्माण विभाग का बजट केवल 103.85 करोड़ रुपए था, जो 2025-26 में बढ़कर 9,451 करोड़ रुपए हो गया है। यह छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

लोक निर्माण विभाग के बजट में मुख्य प्रावधान:
1909 नई सड़कों एवं पुलों के लिए – 1,902 करोड़ रुपए
168 सड़कों की डामरीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए – 917 करोड़ रुपए
ब्लैक स्पॉट सुधार और सड़क सुरक्षा कार्यों के लिए – 120 करोड़ रुपए
339 पुलों के निर्माण के लिए – 1,351 करोड़ रुपए
निजी भूमि मुआवजा भुगतान के लिए – 420 करोड़ रुपए
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में “भारतमाला परियोजना” के तहत रायपुर से विशाखापटनम को जोड़ने वाला 4 लेन एक्सप्रेस-वे निर्माणाधीन है।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग
छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकायों की संख्या 179 से बढ़ाकर 192 कर दी है, ताकि नए कस्बों का सुव्यवस्थित विकास किया जा सके।

2025-26 के बजट में नगरीय विकास के लिए 6,044.12 करोड़ रुपए का ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है।

महत्वपूर्ण बजट प्रावधान:
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) – 875 करोड़ रुपए
मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना – 100 करोड़ रुपए
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 – 380 करोड़ रुपए
अमृत मिशन 2.0 – 744 करोड़ रुपए
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा – 30 करोड़ रुपए
रायपुर स्मार्ट सिटी – 100 करोड़ रुपए
बिलासपुर स्मार्ट सिटी – 100 करोड़ रुपए
मोर संगवारी सेवा – 10 करोड़ रुपए
मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना – 100 करोड़ रुपए
नगरीय निकायों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए – 750 करोड़ रुपए
14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत – 680 करोड़ रुपए
नये बजट में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मजबूत किया जाएगा।

विधि एवं विधायी कार्य विभाग
छत्तीसगढ़ में 321 नए न्यायिक पदों की भर्ती और 1,259 पदों का सृजन किया गया है।

2025-26 के बजट में न्यायालय भवनों और न्यायिक कर्मचारियों के लिए 1,265.46 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्य प्रावधान:
न्यायालय भवनों एवं आवास निर्माण – 45 करोड़ रुपए
बिलासपुर उच्च न्यायालय में ऑडिटोरियम – 10 करोड़ रुपए
न्यायालयों के आधुनिकीकरण/कम्प्यूटरीकरण – 36.90 करोड़ रुपए
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के लिए – 3.50 करोड़ रुपए
एडीआर सेंटर निर्माण – 11 करोड़ रुपए
महाधिवक्ता कार्यालय में अधिवक्ता नियुक्ति – 2 करोड़ रुपए
निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सड़कों, पुलों, पेयजल, शहरी विकास और न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर बजट प्रावधान किए हैं।

इस बजट से गांवों और शहरों का समुचित विकास होगा, न्यायपालिका की कार्यक्षमता बढ़ेगी और बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।

Ashish Sinha

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