छत्तीसगढ़ताजा ख़बरेंबस्तरब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिराज्य

बस्तर दशहरा लोकोत्सव 2025: बॉलीवुड और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम, अभिजीत सावंत ने बांधा समां

जगदलपुर में आयोजित विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा लोकोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड गायक अभिजीत सावंत और स्थानीय कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक नृत्य, लोक कला और संगीत का अनूठा मिश्रण देखने को मिला।

बस्तर दशहरा लोकोत्सव 2025: बॉलीवुड और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम, अभिजीत सावंत ने बांधा समां

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

जगदलपुर में आयोजित विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा लोकोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड गायक अभिजीत सावंत और स्थानीय कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक नृत्य, लोक कला और संगीत का अनूठा मिश्रण देखने को मिला।

बस्तर दशहरा लोकोत्सव में सजी संस्कृति और कला का अप्रतिम संगम
जगदलपुर, 07 अक्टूबर 2025।

विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व के तहत जिला प्रशासन द्वारा लालबाग मैदान में आयोजित बस्तर दशहरा लोकोत्सव की सांस्कृतिक संध्या सोमवार, 6 अक्टूबर को रंगारंग कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुई। यह शाम बॉलीवुड संगीत और बस्तर की लोक संस्कृति का अनूठा संगम साबित हुई, जिसमें हजारों की संख्या में दर्शक उमड़े और देर रात तक तालियों की गूंज बनी रही।

अभिजीत सावंत की प्रस्तुति ने बांधा समां

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे इंडियन आइडल फेम गायक अभिजीत सावंत, जिन्होंने अपने लोकप्रिय गीतों से माहौल को ऊर्जा से भर दिया। उनके गीतों पर दर्शक थिरक उठे और लोकोत्सव की भव्यता कई गुना बढ़ गई। सावंत की लाइव परफॉर्मेंस ने पूरे मैदान को झूमने पर मजबूर कर दिया।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

लोक संस्कृति की रंगीन झलक

कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली छात्र-छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों से हुई, जिन्होंने बस्तर की पारंपरिक लोक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया।

  • विद्या ज्योति स्कूल, जगदलपुर के रोसो जामू और अर्चिता टोप्पो ने ओड़िया नृत्य प्रस्तुत किया।
  • हायर सेकेंडरी स्कूल, छिंदावाड़ा के विद्यार्थियों ने पारंपरिक धुरवा समूह नृत्य से सबका मन मोह लिया।
  • रुक्मिणी आश्रम, डिमरापाल की छात्राओं ने करमा छत्तीसगढ़ी नृत्य, और स्वामी आत्मानंद विद्यालय के विद्यार्थियों ने साय रेला विवाह समूह नृत्य से दर्शकों को रोमांचित किया।
  • माध्यमिक विद्यालय बोरपदर के विद्यार्थियों ने ओड़िया समूह नृत्य प्रस्तुत कर सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया।

शास्त्रीय और आधुनिक कला का संगम

स्कूली प्रस्तुतियों के बाद मंच पर शास्त्रीय और लोक कलाकारों ने समां बांध दिया।

  • उदय मलिक ने अपनी सुरीली आवाज से दर्शकों का दिल जीता।
  • वृद्धि पिल्ले के कथक नृत्य और ओडिशा की प्रेरणा डांस एकेडमी के ओड़िया नृत्य ने दर्शकों को मोहित किया।
  • कोंडागांव के लछिन और टेमन की छत्तीसगढ़ी नृत्य प्रस्तुति और जॉयिता विश्वास के बांग्ला नृत्य ने विविधता में एकता का भाव प्रस्तुत किया।
  • स्थानीय कलाकार कुमकुम वासनिक और निधि रावल की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों से खूब सराहना बटोरी।

आयोजन की सराहना

बस्तर दशहरा लोकोत्सव समिति ने इस शानदार आयोजन की सफलता पर सभी कलाकारों, विद्यालयों और दर्शकों का आभार जताया। कार्यक्रम ने बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को न सिर्फ सहेजा बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य भी किया।

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!