
रूस से तेल खरीद पर ट्रंप के बयान से सियासी घमासान, कांग्रेस ने मोदी सरकार से पूछे 5 तीखे सवाल
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूस से तेल खरीद को लेकर दिए बयान पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। पार्टी ने विदेश नीति, टैरिफ दबाव और प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं।
नई दिल्ली। रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने भारतीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने इस बयान को आधार बनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की विदेश नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जारी बयान में ट्रंप के हवाले से कहा गया है कि भारत ने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी उन्हें खुश करना चाहते थे। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बढ़ाने का दबाव बनाया था, जिसके चलते यह फैसला लिया गया।
कांग्रेस ने कहा कि अगर ट्रंप का दावा सही है, तो यह भारत की स्वतंत्र विदेश नीति पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। पार्टी ने प्रधानमंत्री की चुप्पी को भी संदिग्ध बताया।
कांग्रेस ने मोदी सरकार से सीधे तौर पर जवाब मांगते हुए ये सवाल उठाए—
🔹 क्या मोदी सरकार की विदेश नीति अमेरिका के दबाव में तय हो रही है?
🔹 क्या रूस से तेल खरीदना इसलिए रोका गया ताकि डोनाल्ड ट्रंप को खुश किया जा सके?
🔹 ट्रंप कभी सीजफायर कराने की बात करते हैं, कभी रूस से तेल खरीद पर रोक की धमकी देते हैं—ऐसे में मोदी चुप क्यों हैं?
🔹 प्रधानमंत्री की कथित कमजोरी का खामियाजा देश क्यों भुगत रहा है?
🔹 आखिर मोदी ट्रंप से इतना डरते क्यों हैं?
कांग्रेस ने कहा कि भारत जैसी संप्रभु ताकतवर देश की विदेश नीति किसी एक देश या नेता की इच्छा से नहीं चलनी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि मोदी सरकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के हितों की मजबूती से रक्षा करने में विफल रही है।
फिलहाल इस पूरे मामले पर सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।










