
महिला एवं बाल विकास योजनाओं से छत्तीसगढ़ में सशक्तिकरण की नई इबारत: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं से महिलाओं और बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। महतारी वंदन, मातृवंदना और पोषण योजनाओं से लाखों लाभान्वित हुए हैं।
रायपुर, 06 जनवरी 2026//महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ शासन ने महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक, ठोस और ऐतिहासिक परिवर्तन किए हैं। वे राजधानी रायपुर स्थित संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों से चर्चा कर रही थीं।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सम्मान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है। इन योजनाओं का प्रभाव अब सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 69 लाख से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिला है और अब तक 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। इस योजना के चलते महिलाएं अब पारिवारिक और आर्थिक निर्णयों में पहले से कहीं अधिक सशक्त भूमिका निभा रही हैं।
मंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत 4.81 लाख महिलाओं को 237 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। इस उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
प्रेस वार्ता में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि राज्य सरकार कुपोषण के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है। नवंबर 2023 की तुलना में नवंबर 2025 तक स्टंटिंग, वेस्टिंग और अंडरवेट बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। वर्तमान में 19 लाख से अधिक हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें महिला स्व सहायता समूहों की भागीदारी से पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण वितरण सुनिश्चित हुआ है।
महिला सुरक्षा और संरक्षण के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में
- सखी वन स्टॉप सेंटर,
- महिला हेल्पलाइन 181,
- चाइल्ड हेल्पलाइन 1098
के माध्यम से हजारों महिलाओं और बच्चों को त्वरित सहायता प्रदान की गई है। बाल संरक्षण सेवाओं, दत्तक ग्रहण, फॉस्टर केयर और न्यायिक प्रकरणों के निराकरण में भी छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।
मंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, नई नियुक्तियों, डिजिटल उपस्थिति प्रणाली और ई-भर्ती पोर्टल जैसी पहलों से विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत हजारों बेटियों के विवाह गरिमामय ढंग से संपन्न कराए गए हैं।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाएं छत्तीसगढ़ को महिला और बाल सशक्तिकरण का आदर्श राज्य बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ा रही हैं।












