
सीबीआई ने इंटरपोल के जरिए अमेरिका से भगोड़ा अमन को भारत वापस लाया – दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार
CBI ने इंटरपोल के माध्यम से अमेरिका से वांटेड भगोड़ा अमन उर्फ़ अमन कुमार उर्फ़ अमन भैंसवाल को भारत वापस लाया। हरियाणा पुलिस के हत्या, दंगा और क्रिमिनल साज़िश मामलों में फरार आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया।
CBI Successfully Coordinates Return of Fugitive Aman from USA via INTERPOL
नई दिल्ली/हरियाणा – 07 जनवरी 2026: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के जरिए एक बड़े और जटिल फरार अपराधी मामले को हल करते हुए अमेरिका से वांटेड भगोड़ा अमन उर्फ़ अमन कुमार उर्फ़ अमन भैंसवाल को भारत वापस लाया। यह कार्रवाई CBI, विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के सहयोग से संभव हुई।
अमन पर हरियाणा पुलिस के तहत कई गंभीर मामलों में आरोप हैं, जिनमें शामिल हैं:
- हत्या
- दंगा
- क्रिमिनल साज़िश
वह भारत में पहले गिरफ्तार हो चुका था, लेकिन ज़मानत मिलने के बाद फरार हो गया। इसके बाद उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागकर अपनी लोकेशन छुपाई। अमन को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मुख्य सदस्य माना जाता है। यह गैंग organized criminal activities में शामिल है और अपराधियों की लंबी श्रृंखला में शामिल रही है।
अमन की गिरफ्तारी हरियाणा पुलिस के लिए बेहद महत्वपूर्ण थी क्योंकि उसके खिलाफ गंभीर अपराध के मुकदमे लंबित थे और वह स्थानीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन चुका था।
सीबीआई ने अमन के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी करवाया। रेड नोटिस दुनिया भर की सभी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों को भेजा जाता है ताकि फरार अपराधियों को ट्रैक किया जा सके।
भारत में CBI, INTERPOL के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (NCB) के रूप में कार्य करता है और अन्य देशों के लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों के साथ तालमेल बनाए रखता है। CBI ने BHARATPOL चैनलों के ज़रिए अमेरिकी अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया और अमन की लोकेशन जियोलोकेट कर पता लगाया।
पिछले कुछ वर्षों में INTERPOL चैनलों के जरिए 150 से ज़्यादा वांटेड अपराधियों को भारत वापस लाया जा चुका है। यह केस भी इसी प्रयास का हिस्सा है।
अमन को अमेरिका से भारत लाने के लिए CBI और अमेरिकी अधिकारियों ने मिलकर समानांतर प्रक्रिया अपनाई। इसमें शामिल थे:
- अमन की लोकेशन की पुष्टि
- उसके खिलाफ मौजूदा मुकदमे की जानकारी साझा करना
- कानूनी और डिपोर्टेशन डॉक्यूमेंट तैयार करना
07 जनवरी 2026 को अमन को भारत लाकर दिल्ली एयरपोर्ट पर हरियाणा पुलिस की टीम ने हिरासत में लिया।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग की पहचान organized crime में प्रमुख गैंग के रूप में हुई है। यह गैंग हत्या, धमकी, दंगा और अन्य अपराधों में शामिल रही है। अमन का गैंग से जुड़ाव उसे राष्ट्रीय और स्थानीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनाता है।
CBI की कार्रवाई ने यह दिखाया कि भारत के कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों का पीछा करने और उन्हें वापस लाने में सक्षम हैं।
अमन की गिरफ्तारी का सामाजिक और कानूनी महत्व काफी बड़ा है:
- सुरक्षा बढ़ाना: फरार अपराधियों को वापस लाकर स्थानीय और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना।
- कानूनी उदाहरण: यह संदेश कि कोई भी अपराधी, चाहे वह देश के बाहर ही क्यों न हो, कानून के दायरे से बाहर नहीं रहेगा।
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग का महत्व: भारत और अन्य देशों के बीच अपराध नियंत्रण और प्रत्यर्पण प्रक्रिया में विश्वास और तालमेल बढ़ता है।
- सामाजिक संदेश: युवा और समाज के लिए यह दिखाता है कि अपराध के परिणाम गंभीर होते हैं और कोई भी व्यक्ति फरार होकर बच नहीं सकता।
CBI ने कहा कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और संगठित अपराध के खिलाफ सतत प्रयास का हिस्सा है। इंटरपोल और अन्य अंतरराष्ट्रीय चैनलों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि अपराधी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
CBI ने पिछले सालों में 150 से अधिक वांटेड अपराधियों को वापस लाने में सफलता पाई है, जिससे यह साबित होता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराध नियंत्रण में सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है।
अमन की अमेरिका से वापसी केवल एक गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि यह कानून और व्यवस्था में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की शक्ति को दर्शाती है।
- CBI और इंटरपोल के सहयोग से अपराधियों की पकड़ संभव हुई।
- यह कार्रवाई organized crime और गैंगस्टर गतिविधियों के खिलाफ स्पष्ट संदेश देती है।
- समाज और न्याय प्रणाली को यह भरोसा देता है कि अपराधियों को बचने नहीं दिया जाएगा।
इस गिरफ्तारी के बाद अब हरियाणा पुलिस अमन के खिलाफ लंबित मुकदमों को तेज़ी से आगे बढ़ा सकेगी। यह केस भारत में कानून प्रवर्तन और अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण प्रक्रिया की एक मिसाल के रूप में याद रखा जाएगा।










