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DRI की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली–अगरतला में गोल्ड स्मगलिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़, ₹40 करोड़ का सोना जब्त

DRI की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली–अगरतला में अंतरराष्ट्रीय गोल्ड स्मगलिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश, ₹40 करोड़ से अधिक का सोना जब्त

नई दिल्ली/अगरतला।देश में आर्थिक अपराधों पर शिकंजा कसते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। DRI ने दिल्ली और त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में एक साथ समन्वित छापेमारी कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गोल्ड स्मगलिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में ₹40 करोड़ से अधिक मूल्य का तस्करी का सोना और लगभग ₹2.9 करोड़ की नकदी जब्त की गई है। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क दुबई और बांग्लादेश से संचालित हो रहा था और भारत के कई राज्यों में इसकी मजबूत पकड़ थी।

CBIC के अंतर्गत कार्यरत DRI को लंबे समय से खुफिया इनपुट मिल रहे थे कि सोने की अवैध तस्करी का एक संगठित गिरोह भारत-बांग्लादेश सीमा और हवाई मार्गों का उपयोग कर देश में बड़ी मात्रा में सोना ला रहा है। पुख्ता सूचना मिलने के बाद DRI ने दिल्ली और अगरतला में कई ठिकानों पर एकसाथ तलाशी अभियान चलाया।

छापेमारी के दौरान तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सुरक्षित ठिकानों, बिचौलियों और हवाला चैनलों से जुड़े अहम सुराग हाथ लगे।

जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह कोई स्थानीय गिरोह नहीं, बल्कि एक सुव्यवस्थित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है।
DRI सूत्रों के अनुसार—

  • दुबई से सोना खरीदा जाता था
  • बांग्लादेश के जरिए भारत में अवैध एंट्री कराई जाती थी
  • इसके बाद भारत के भीतर दिल्ली, पूर्वोत्तर और अन्य महानगरों में इसकी सप्लाई की जाती थी

सोने को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर कूरियर, मानव वाहकों और सीमा पार तस्करी के पारंपरिक रास्तों से लाया जाता था, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचा जा सके।

DRI की इस कार्रवाई में:

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  • ₹40 करोड़ से अधिक मूल्य का तस्करी का सोना
  • ₹2.9 करोड़ नकद
    बरामद किया गया है। नकदी को हवाला लेन-देन से जोड़ा जा रहा है, जिसका इस्तेमाल तस्करी नेटवर्क के संचालन, भुगतान और लॉजिस्टिक्स में किया जा रहा था।

अधिकारियों का मानना है कि यह केवल शुरुआती बरामदगी है और जांच आगे बढ़ने पर जब्ती का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

इस मामले में केवल तस्करी ही नहीं, बल्कि हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग का एंगल भी सामने आया है।
DRI अब यह जांच कर रही है कि:

  • तस्करी से अर्जित धन कहां-कहां निवेश किया गया
  • क्या इस नेटवर्क के तार अन्य आर्थिक अपराधों से भी जुड़े हैं
  • किन-किन व्यापारिक संस्थानों और व्यक्तियों ने इसमें सहयोग किया

सूत्रों के अनुसार, इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की एंट्री भी संभव है।

अगरतला में हुई कार्रवाई इस बात की ओर इशारा करती है कि पूर्वोत्तर भारत तस्करों के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट प्वाइंट बनता जा रहा है। भारत-बांग्लादेश सीमा की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर तस्कर लंबे समय से अवैध गतिविधियों को अंजाम देते रहे हैं।

DRI की इस कार्रवाई को पूर्वोत्तर क्षेत्र में आर्थिक अपराधों के खिलाफ एक बड़ी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, गोल्ड स्मगलिंग से:

  • सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता है
  • वैध व्यापार प्रभावित होता है
  • मनी लॉन्ड्रिंग और संगठित अपराध को बढ़ावा मिलता है

इसी वजह से CBIC और DRI लगातार ऐसे नेटवर्क्स पर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं।

CBIC ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया है कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क चाहे जितना संगठित क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता। DRI की यह कार्रवाई न सिर्फ तस्करों के लिए चेतावनी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारत की एजेंसियां अब डेटा, खुफिया सूचनाओं और तकनीक के जरिए कहीं अधिक प्रभावी तरीके से काम कर रही हैं।

फिलहाल DRI की जांच जारी है। पूछताछ के आधार पर:

  • नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों
  • फाइनेंसरों
  • और अंतिम खरीदारों
    तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

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