
SBI ने बेंगलुरु में शुरू किया पहला Global Capability Centre, कर्नाटक में 11 नई शाखाओं का उद्घाटन
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने बेंगलुरु के इंदिरानगर में अपने पहले Global Capability Centre (GCC) का उद्घाटन किया। यह केंद्र कर्नाटक में कार्यरत Global Capability Centres को एंड-टू-एंड बैंकिंग समाधान देगा, वहीं 11 नई SBI शाखाएं भी शुरू की गईं।
SBI का ऐतिहासिक कदम: बेंगलुरु में पहले Global Capability Centre की शुरुआत, कर्नाटक में 11 नई शाखाओं का उद्घाटन
बेंगलुरु।देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने भारतीय बैंकिंग इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए बेंगलुरु में अपने पहले Global Capability Centre (GCC) का उद्घाटन किया है। इंदिरानगर स्थित यह केंद्र न केवल SBI के डिजिटल और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग विस्तार का प्रतीक है, बल्कि भारत में संचालित Global Capability Centres (GCCs) के लिए एक समर्पित और एकीकृत बैंकिंग समाधान प्लेटफॉर्म के रूप में भी काम करेगा।
इस ऐतिहासिक पहल का उद्घाटन SBI के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने 7 जनवरी 2026 को किया। इसी अवसर पर कर्नाटक राज्य में 11 नई SBI शाखाओं का भी उद्घाटन किया गया, जिससे बैंक की पहुंच और वित्तीय समावेशन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
SBI का यह Global Capability Centre भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में अपनी तरह की पहली पहल है। यह केंद्र कर्नाटक में कार्यरत बहुराष्ट्रीय कंपनियों के GCCs को एंड-टू-एंड बैंकिंग समाधान प्रदान करेगा।
इसमें शामिल हैं:
- कॉर्पोरेट बैंकिंग सेवाएं
- कैश मैनेजमेंट और ट्रेज़री सॉल्यूशंस
- विदेशी मुद्रा लेन-देन
- डिजिटल भुगतान और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सपोर्ट
- निवेश और वित्तीय परामर्श सेवाएं
अब तक GCCs को विभिन्न बैंकिंग जरूरतों के लिए अलग-अलग शाखाओं या बैंकों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन SBI का यह केंद्र एक सिंगल प्वाइंट ऑफ कॉन्टैक्ट के रूप में कार्य करेगा।
बेंगलुरु को भारत की टेक कैपिटल कहा जाता है। यहां देश के सबसे अधिक Global Capability Centres संचालित हो रहे हैं। आईटी, फाइनेंस, मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस और डीप-टेक सेक्टर से जुड़ी सैकड़ों बहुराष्ट्रीय कंपनियों के GCCs कर्नाटक में मौजूद हैं।
SBI के इस कदम को विशेषज्ञ:
- कर्नाटक के GCC इकोसिस्टम को मजबूती
- भारत को ग्लोबल बिज़नेस हब बनाने की दिशा में पहल
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की बदलती भूमिका
के रूप में देख रहे हैं।
उद्घाटन के दौरान SBI चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने कहा कि यह GCC केवल एक बैंकिंग केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य की बैंकिंग का मॉडल है।
उन्होंने कहा कि SBI अब पारंपरिक बैंकिंग से आगे बढ़कर डिजिटल, ग्लोबल और एंटरप्राइज-केंद्रित समाधान देने पर फोकस कर रहा है।
उनके अनुसार,
“भारत में GCCs तेजी से बढ़ रहे हैं और उनकी जटिल बैंकिंग आवश्यकताओं को समझने के लिए एक विशेष प्लेटफॉर्म की जरूरत थी। SBI का GCC इसी सोच का परिणाम है।”
SBI ने इस अवसर पर कर्नाटक में 11 नई शाखाओं का उद्घाटन भी किया। ये शाखाएं शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थापित की गई हैं, ताकि:
- छोटे व्यवसायों
- एमएसएमई
- किसानों
- और आम नागरिकों
तक बैंकिंग सेवाएं आसानी से पहुंच सकें।
यह कदम SBI की Balanced and Inclusive Growth नीति को दर्शाता है, जिसमें एक ओर कॉर्पोरेट और वैश्विक ग्राहकों पर ध्यान है, वहीं दूसरी ओर आम जनता की बैंकिंग जरूरतों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
SBI का यह GCC डिजिटल बैंकिंग क्षमताओं को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। यहां आधुनिक डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, ऑटोमेशन और एआई आधारित समाधान विकसित और लागू किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे:
- बैंकिंग प्रक्रियाएं अधिक तेज और सुरक्षित होंगी
- अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा
- SBI वैश्विक बैंकिंग प्रतिस्पर्धा में और मजबूत होगा
SBI की यह पहल अन्य सार्वजनिक और निजी बैंकों के लिए भी एक संकेत है कि भविष्य की बैंकिंग केवल शाखाओं तक सीमित नहीं रहेगी। GCC जैसे मॉडल:
- भारत को ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विस हब बना सकते हैं
- उच्च कौशल रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं
- बैंकिंग और टेक्नोलॉजी के बीच की दूरी कम कर सकते हैं
इस केंद्र से न केवल SBI को, बल्कि कर्नाटक और देश की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। GCCs के लिए सुगम बैंकिंग का मतलब है:
- निवेश में वृद्धि
- व्यापार संचालन में आसानी
- और भारत में अधिक वैश्विक कंपनियों का आकर्षण
सूत्रों के अनुसार, SBI भविष्य में अन्य राज्यों में भी ऐसे GCC-सपोर्ट मॉडल पर विचार कर सकता है। यदि बेंगलुरु मॉडल सफल रहता है, तो यह देशभर में बैंकिंग नवाचार की नई दिशा तय कर सकता है।










