
UN40 Festival Bengaluru 2026: हिमेश रेशमिया से राजा कुमारी तक, म्यूज़िक, कॉमेडी और क्रिएटर्स का महाकुंभ
बेंगलुरु में 14-15 मार्च 2026 को होने जा रहा UN40 फेस्टिवल, जिसमें हिमेश रेशमिया, शालमली खोलगड़े, राजा कुमारी, पाराडॉक्स सहित म्यूज़िक, कॉमेडी, गेमिंग और क्रिएटर एक्सपीरियंस का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। दो दिवसीय फेस्टिवल में डिजिटल और लाइव मनोरंजन का मेल, युवा सोच और साझा अनुभव को बढ़ावा देगा।
UN40 Festival 2026: अंडर 40 सोच, ऑल एज एनर्जी—बेंगलुरु में सांस्कृतिक क्रांति
बेंगलुरु।भारत का लाइव एंटरटेनमेंट परिदृश्य एक नए और अनोखे प्रयोग के लिए तैयार है। UN40 (Under 40) Cultural Festival का उद्घाटन संस्करण मार्च 2026 में बेंगलुरु के NICE Grounds में आयोजित होने जा रहा है। यह फेस्टिवल सिर्फ म्यूज़िक या कॉमेडी इवेंट नहीं, बल्कि मल्टी-जेनर, मल्टी-एक्सपीरियंस सांस्कृतिक आंदोलन है—जिसका केंद्र बिंदु है अंडर 40 माइंडसेट।
14 और 15 मार्च 2026 को होने वाला यह दो दिवसीय आयोजन संगीत, स्टैंड-अप कॉमेडी, डिजिटल क्रिएटर्स, गेमिंग और इंटरएक्टिव अनुभवों को एक ही मंच पर लाएगा।
स्टार-स्टडेड म्यूज़िक लाइनअप
UN40 के उद्घाटन संस्करण में भारतीय म्यूज़िक इंडस्ट्री के दिग्गज और नए दौर के कलाकार शामिल होंगे।
मुख्य कलाकारों में हैं:
- हिमेश रेशमिया
- शालमली खोलगड़े
- संतोष नारायणन
- राजा कुमारी
- टोनी कक्कड़
- पैराडॉक्स
- थाइकूडम ब्रिज
- तलविंडर
- आदित्य रिखारी
- Flipperachi (Fa9la हिटमेकर)
यह लाइनअप बॉलीवुड पॉप, इंडी म्यूज़िक, हिप-हॉप, फ्यूज़न और साउथ इंडियन साउंडस्केप्स का प्रतिनिधित्व करता है, जो आज की युवा पीढ़ी की प्लेलिस्ट कल्चर को दर्शाता है।
कॉमेडी और क्रिएटर इकोसिस्टम
UN40 सिर्फ स्टेज परफॉर्मेंस तक सीमित नहीं है। फेस्टिवल में डिजिटल युग के कॉमेडी और कंटेंट क्रिएटर्स को बराबरी का मंच दिया गया है।
कॉमेडी लाइनअप:
- हर्ष गुजराल
- इंदर सहानी
- ओंकार यादव
डिजिटल क्रिएटर्स:
- Beyounick
- Danny Pandit
- Disha Madan
- RJ Princey
ये कलाकार सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लाखों लोगों से सीधे जुड़ते हैं, और युवा संस्कृति के असली चेहरे हैं।
‘अंडर 40’ का मतलब उम्र नहीं, सोच
UN40 की सबसे अनोखी बात इसकी फिलॉसफी है। आयोजकों के अनुसार—
“यह फेस्टिवल उम्र की बजाय सोच और अनुभव पर आधारित है।”
मुख्य रूप से 40 वर्ष से कम उम्र के दर्शकों के लिए क्यूरेट किया गया यह आयोजन, 40+ लोगों को भी शामिल होने देता है—बस शर्त इतनी है कि वे किसी अंडर 40 के साथ आएं।
यह कॉन्सेप्ट जनरेशन गैप को खत्म करने और साझा सांस्कृतिक अनुभव बनाने का प्रयास है।
गेमिंग ज़ोन: खेल, भीड़ और सामूहिक उत्साह
UN40 में विशेष Gaming Zone भी बनाया गया है, जो पारंपरिक टेली-मैच स्टाइल चैलेंजेस से प्रेरित है।
यहां होंगे—
- टीम-बेस्ड गेम्स
- फ्रेंडली कॉम्पिटिशन
- लाइव ऑडियंस चीयरिंग
यह ज़ोन दर्शकों और खिलाड़ियों दोनों के लिए मनोरंजन का केंद्र बनेगा। खेल एक कलेक्टिव एंटरटेनमेंट एक्सपीरियंस में बदल जाएगा।
यूरोपियन-स्टाइल बीयर गार्डन
फेस्टिवल का एक बड़ा आकर्षण है European Style Beer Garden। यह केवल रिलैक्स स्पेस नहीं, बल्कि—
- क्रिएटर मीट-एंड-ग्रीट
- अनौपचारिक बातचीत
- लाइव इंटरैक्शन
- सरप्राइज़ परफॉर्मेंस
का केंद्र होगा। इससे दर्शकों और कलाकारों के बीच दूरी घटेगी और अनुभव और निजी होगा।
Saregama Live की पहल
भव्य आयोजन की घोषणा Saregama Live ने की है। यह ब्रांड पहले भी बड़े म्यूज़िक और कल्चर इवेंट्स के लिए जाना जाता रहा है।
UN40 को इंडस्ट्री में नेक्स्ट-जेन फेस्टिवल फॉर्मेट के रूप में देखा जा रहा है।
बेंगलुरु क्यों?
बेंगलुरु को भारत की युवा राजधानी, स्टार्टअप हब और क्रिएटर सिटी कहा जाता है।
यह शहर—
- म्यूज़िक
- कॉमेडी
- टेक
- डिजिटल कल्चर
का प्राकृतिक केंद्र है। NICE Grounds जैसे बड़े और आधुनिक वेन्यू में UN40 का आयोजन इसे और खास बनाता है।
इवेंट गाइड और टिकट जानकारी
तारीख: 14-15 मार्च 2026
स्थान: NICE Grounds, बेंगलुरु
टाइमिंग: सुबह 11:00 बजे से रात 10:00 बजे तक
टिकट विकल्प:
- डेली पास: ₹1,500–₹2,500
- वीकेंड पास: ₹2,500–₹4,000
- VIP Experience: ₹5,000–₹8,000 (फास्ट ट्रैक, मीट एंड ग्रीट, बीयर गार्डन एक्सेस)
बुकिंग लिंक: www.un40festival.com/tickets
भारतीय फेस्टिवल कल्चर में नया अध्याय
UN40 केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि संकेत है कि भारतीय फेस्टिवल कल्चर अब—
- स्टेज-ओनली मॉडल से आगे बढ़ रहा है
- इंटरएक्टिव और एक्सपीरियंस-ड्रिवन बन रहा है
- डिजिटल और रियल वर्ल्ड को जोड़ रहा है
यह फेस्टिवल उस पीढ़ी की नब्ज पकड़ता है जो एंटरटेनमेंट के साथ कनेक्शन और कम्युनिटी भी चाहती है।
UN40 Festival 2026 एक ऐसा मंच बनने जा रहा है, जहां—
🎶 संगीत भावनाओं को जोड़ता है
😂 कॉमेडी तनाव को तोड़ती है
🎮 गेमिंग भीड़ को एक करती है
🍺 बातचीत संस्कृति को जीवंत बनाती है
यह फेस्टिवल साबित करता है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है—असल पहचान होती है सोच, स्वाद और साझा अनुभवों की।










