
अंबिकापुर में हत्या के प्रयास का मामला: 24 घंटे में 3 आरोपी गिरफ्तार, चाकू जब्त
अंबिकापुर में पुरानी रंजिश को लेकर युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने 01 विधि से संघर्षरत बालक सहित 3 आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया। घटना में प्रयुक्त चाकू भी जब्त।
हत्या के प्रयास के मामले में 24 घंटे के भीतर 3 आरोपी गिरफ्तार, एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल
अंबिकापुर | 25 जनवरी 2026| पुरानी रंजिश को लेकर युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में 01 विधि से संघर्षरत बालक सहित कुल 03 आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया गया है। घटना में प्रयुक्त चाकू भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
प्रकरण में डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई की गई।
प्रार्थी रोशन जायसवाल, निवासी रिंग रोड बौरीपारा ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका भाई ऋतिक जायसवाल कपड़ा व्यवसाय करता है।
दिनांक 24 जनवरी 2026 को लगभग 11 बजे, ऋतिक जायसवाल अपने साथी आनंद गुप्ता के साथ चांदनी चौक से कपड़ा लेकर लौटते समय गणपति पेट्रोल पंप के सामने स्थित दुकान पर चाय पी रहा था, तभी सत्यम सोनकर, आयुष सोनकर और उनका एक अन्य साथी पुरानी रंजिश के चलते वहां पहुंचे।
आरोप है कि तीनों ने एक राय होकर ऋतिक जायसवाल को जान से मारने की नीयत से हमला किया, जिसमें सत्यम सोनकर ने चाकू से वार किया, जिससे चाकू पेट में घुस गया। घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 50/26, धारा 109, 3(5) बीएनएस एवं 25-27 आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस जांच में 01 विधि से संघर्षरत बालक,
सत्यम सोनकर (18 वर्ष) निवासी गुरुद्वारा वार्ड मायापुर,
आयुष सोनकर (19 वर्ष) निवासी घुटरापारा मायापुर,
को घटना में शामिल पाया गया।
पूछताछ में आरोपी सत्यम सोनकर ने पुरानी रंजिश के कारण बदला लेने की नीयत से घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है।
बालिग आरोपियों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है, वहीं विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, विकास सिन्हा, जयदीप सिन्हा, आरक्षक मनीष सिंह एवं अनुज जायसवाल की सक्रिय भूमिका रही।











