
Republic Day 2026: Ursula von der Leyen ने जताया भारत-यूरोप दोस्ती पर गर्व, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को किया धन्यवाद
गणतंत्र दिवस 2026 पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen ने भारत और यूरोप के बीच मित्रता और लोकतांत्रिक साझेदारी को लेकर हार्दिक संदेश दिया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्नेहपूर्ण स्वागत करने के लिए धन्यवाद किया और दोनों लोकतंत्रों के सहयोग को भविष्य के वैश्विक आदेश के लिए अहम बताया।
Republic Day 2026: Ursula von der Leyen ने भारत और यूरोप के बीच दोस्ती पर जताया गर्व
नई दिल्ली | गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen ने भारत और यूरोप के बीच स्थायी मित्रता और सहयोग को लेकर अपनी भावना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर लिखा, “Long live India. Long live the friendship between Europe and India.” 🇪🇺🇮🇳
अपने दूसरे संदेश में Ursula von der Leyen ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का धन्यवाद करते हुए कहा, “Thank you for hosting us on Republic Day, President @rashtrapatibhvn. स्नेहपूर्ण स्वागत के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद। Europe and India are the world’s largest democracies, committed to working together to shape a new global order.”
उनके इस संदेश ने यह स्पष्ट किया कि भारत और यूरोप के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों, वैश्विक सुरक्षा, विज्ञान, तकनीक और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में साझेदारी और मजबूत हो रही है। Ursula von der Leyen ने यह भी रेखांकित किया कि दोनों क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते वैश्विक स्तर पर स्थिरता, शांति और विकास की दिशा में मिलकर काम कर सकते हैं।
गणतंत्र दिवस पर यह संदेश भारत और यूरोप के बीच दोस्ताना संबंधों और द्विपक्षीय संवाद का प्रतीक बन गया। Ursula von der Leyen का यह दौरा और उनका स्वागत दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यूरोप और भारत के बीच यह संबंध केवल राजनीतिक या आर्थिक नहीं है, बल्कि यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान, शिक्षा, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी गहरा सहयोग सुनिश्चित करता है। Ursula von der Leyen का यह संदेश भारतवासियों में गर्व की भावना पैदा करता है और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को मजबूती देता है।
सोशल मीडिया पर उनके संदेश का व्यापक स्वागत हुआ। भारत और यूरोप के नागरिकों ने इस दोस्ताना संदेश का उत्साहपूर्वक स्वागत किया और इसे दोनों क्षेत्रों के लोकतंत्र और साझेदारी का प्रतीक माना।
कुल मिलाकर, गणतंत्र दिवस 2026 पर Ursula von der Leyen का यह संदेश भारत-यूरोप मित्रता, वैश्विक लोकतंत्रों की साझेदारी और सांस्कृतिक सहयोग का प्रतीक बन गया। यह न केवल एक औपचारिक शुभकामना थी, बल्कि दोनों क्षेत्रों के बीच भविष्य की मजबूत साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुई।










