
प्रिटी जी ज़िंटा ने बच्चों के साथ बनाई स्नो गर्ल, यादें ताज़ा कीं
बॉलीवुड अभिनेत्री प्रिटी जी ज़िंटा ने बच्चों के साथ स्नो गर्ल बनाई और अपने शिमला के बचपन की यादें साझा कीं। पढ़ें उनका पूरा अनुभव।
प्रिटी जी ज़िंटा ने बच्चों के साथ बनाई “स्नो गर्ल”, यादें ताज़ा कीं
मुंबई | 27 जनवरी 2026 |बॉलीवुड अभिनेत्री प्रिटी जी ज़िंटा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अपने बचपन की यादें ताज़ा की हैं। प्रिटी ने बताया कि उन्होंने कई बार स्नो मैन बनाए हैं, लेकिन इस बार उन्होंने बच्चों की मदद से “स्नो गर्ल” बनाई, जिसे उन्होंने खासतौर पर स्नो स्कर्ट के साथ सजाया।
प्रिटी जी ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह अनुभव उन्हें उनके बचपन की याद दिला गया, जब वे शिमला में छोटे बच्चे थे और बर्फ के बीच खेलती थीं। उन्होंने भावुक होकर कहा, “How time flies and how life has come full circle”, यानी समय कितनी जल्दी बीत गया और जीवन ने पूरी तरह से एक चक्र पूरा कर लिया।
इस अनुभव को साझा करते हुए प्रिटी जी ने कहा कि बच्चों के साथ यह पल बहुत खास था। उन्होंने बताया कि बच्चों की मासूमियत और उत्साह ने उन्हें भी अपने बचपन में लौटने का मौका दिया। स्नो गर्ल बनाना केवल एक खेल नहीं था, बल्कि यह एक ऐसा पल था जिसने उन्हें अपने जीवन के सरल और खूबसूरत पलों की याद दिलाई।
प्रिटी जी के इस पोस्ट ने उनके फैंस और सोशल मीडिया फॉलोअर्स के बीच भी उत्सुकता और खुशी बढ़ा दी। उनके फॉलोअर्स ने इस अनुभव को साझा करते हुए अभिनेत्री की मासूमियत, सकारात्मकता और बच्चों के प्रति उनके लगाव की सराहना की।
इस मौके पर प्रिटी जी ने यह भी बताया कि बर्फ के बीच खेलते हुए, बच्चों के साथ समय बिताना उनके लिए बहुत सुखद और उत्साहजनक रहा। उन्होंने इस अनुभव को जीवन के उन सरल लेकिन अमूल्य पलों के रूप में वर्णित किया, जो व्यस्त जीवन में अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं।
प्रिटी जी ज़िंटा का यह पोस्ट दर्शाता है कि कैसे छोटे-छोटे पल और बच्चों के साथ बिताया गया समय हमारे जीवन में गहरी खुशी और संतोष ला सकता है। यह अनुभव उनके बचपन की यादों से जुड़ा हुआ है और यह संदेश देता है कि जीवन के हर चरण में सरल खुशियों का आनंद लेना जरूरी है।
अभिनेत्री ने अपने पोस्ट के अंत में #Ting हैशटैग का उपयोग किया, जो उनके अनुभव और उस खास पल को सोशल मीडिया पर साझा करने का प्रतीक बन गया।
इस पोस्ट ने न केवल उनके फैंस के बीच हर्ष और आनंद बढ़ाया, बल्कि यह भी याद दिलाया कि बच्चों और सरल अनुभवों के माध्यम से हम अपने भीतर की खुशी और मासूमियत को पुनः महसूस कर सकते हैं।










