
गरियाबंद: दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना से दम्पत्ति को मिला 50 हजार का लाभ
गरियाबंद जिले में समाज कल्याण विभाग की दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत मैनपुर और छुरा क्षेत्र के दिव्यांग दम्पत्ति को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। यह योजना दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में राज्य शासन की महत्वपूर्ण पहल है।
गरियाबंद, 1 फरवरी 2026/राज्य शासन द्वारा समाज के कमजोर, वंचित एवं विशेष आवश्यकता वाले वर्गों के कल्याण के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का जिले में प्रभावी और सतत क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग की दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत गरियाबंद जिले के एक दिव्यांग दम्पत्ति को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
विकासखंड मैनपुर के ग्राम भाठीगढ़ निवासी 30 वर्षीय विजेश्वरी कोमर्रा, जो 65 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग हैं तथा तहसील छुरा के ग्राम अमलोर निवासी 35 वर्षीय केशर कोमर्रा, पति-पत्नी हैं। इस दम्पत्ति को योजना के तहत 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत कर प्रदान की गई है।
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के प्रावधानों के अनुसार यदि पति-पत्नी में से कोई एक अथवा दोनों दिव्यांग हों, तो उन्हें 50 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस सहायता का उद्देश्य दिव्यांग दम्पत्तियों को उनके दाम्पत्य जीवन की शुरुआत में आर्थिक संबल प्रदान करना है।
प्राप्त प्रोत्साहन राशि से दम्पत्ति को अपने पारिवारिक जीवन को सुदृढ़ आधार देने में सहायता मिली है। इस योजना ने न केवल उन्हें आर्थिक सहयोग दिया है, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और सामाजिक स्वीकृति को भी मजबूती प्रदान की है।
दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना राज्य शासन की समावेशी और संवेदनशील सोच को दर्शाती है, जिसके माध्यम से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। जिले में पात्र दिव्यांग दम्पत्तियों से योजना का लाभ लेने हेतु समाज कल्याण विभाग में आवेदन करने की अपील की गई है।










