महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिला आत्मनिर्भर बनने का अवसर, कोरबा में लाभार्थियों ने साझा की अनुभव

महतारी वंदन योजना ने महिलाओं के जीवन में लाया सशक्तिकरण का नया अध्याय

कोरबा, छत्तीसगढ़/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए प्रारंभ की गई महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

शासन की स्पष्ट मंशा और संवेदनशील दृष्टिकोण के अनुरूप, प्रतिमाह सीधे महिलाओं के बैंक खातों में प्रदान की जाने वाली आर्थिक सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर दिया है। यह सहायता केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, सुरक्षा और स्वावलंबन की भावना को भी मजबूत कर रही है।

लाभार्थियों की प्रतिक्रिया

कोरबा जिले के रामपुर क्षेत्र में निवासरत श्रीमती बहुरा कौशिक एवं उनकी बहू श्रीमती सविता कौशिक, जो गृहिणी हैं, इस योजना के लाभार्थी हैं। दोनों को अब तक योजना के अंतर्गत 24 किश्तों में कुल 24 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

श्रीमती सविता कौशिक ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें प्रत्येक माह समय पर राशि प्राप्त हो जाती है, जिसका उपयोग वे घरेलू खर्च और बच्चों की पढ़ाई में करती हैं। उन्होंने कहा कि अब किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती, आवश्यक समय पर सीधे खाते में आई राशि से काम हो जाता है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास और आर्थिक मजबूती बढ़ी है।

वहीं, श्रीमती बहुरा कौशिक ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि शासन द्वारा दी जा रही यह सहायता उनके लिए बड़ी राहत है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

महतारी वंदन योजना का महत्व

महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रही है। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

शासन के सतत प्रयास और योजनाओं के प्रभाव से आज महिलाओं की भूमिका परिवार और समाज में और मजबूत हुई है, जिससे सशक्त और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण संभव हो रहा है।