सरगुजा: प्राकृतिक आपदा में मृतकों के वारिसों को 44 लाख की सहायता स्वीकृत

प्राकृतिक आपदा पीड़ितों के वारिसों को 44 लाख की सहायता स्वीकृत

सरगुजा जिले के 11 मृतकों के परिजनों को मिलेगा 4-4 लाख रुपये का अनुदान

अंबिकापुर, 04 फरवरी 2026/अपर कलेक्टर सरगुजा द्वारा प्राकृतिक आपदा में मृत व्यक्तियों के वारिसों को कुल 44 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। यह सहायता राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6-4 (संशोधित) प्रावधानों के तहत प्राकृतिक आपदा राहत मद में प्रदान की जा रही है।

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0

स्वीकृत सहायता राशि के अंतर्गत अलग-अलग तहसीलों में पानी में डूबने, सांप के काटने एवं मधुमक्खियों के हमले से हुई मौतों के मामलों को शामिल किया गया है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

सहायता पाने वाले प्रकरण इस प्रकार हैं

  • तहसील लुण्ड्रा
    • करेसर निवासी रवन नगेसिया की मृत्यु पानी में डूबने से – वारिस: रोंगसी
    • उरदरा निवासी हरे कृष्ण भगत की मृत्यु सांप के काटने से – वारिस: अस्टन राम सुधु
    • अमगांव निवासी देवनारायण की मृत्यु सांप के काटने से – वारिस: भुनेश्वरी
    • दोरना निवासी मुनेश्वर की मृत्यु पानी में डूबने से – वारिस: राम जतन
  • तहसील धौरपुर (लुण्ड्रा)
    • डकई निवासी राज की मृत्यु सांप के काटने से – वारिस: कृष्णा
    • बबौली निवासी चुटी भगत की मृत्यु पानी में डूबने से – वारिस: कनी लाल
    • कुन्दीकला निवासी कन्हाई राम की मृत्यु सांप के काटने से – वारिस: धनेश्वरी
  • तहसील लखनपुर
    • शिवपुर निवासी संगीता की मृत्यु सांप के काटने से – वारिस: देव
    • कुन्नी निवासी अशिका की मृत्यु पानी में डूबने से – वारिस: नानसाय
    • अमगसी निवासी सुफल दास की मृत्यु मधुमक्खियों के काटने से – वारिस: उर्मिला
  • तहसील कुन्नी (लखनपुर)
    • ढोढाकेसरा निवासी छंदन मझवार की मृत्यु पानी में डूबने से – वारिस: अमरेश

प्रत्येक वारिस को मिलेगा 4 लाख रुपये

प्रत्येक मृतक के वारिस को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। प्रशासन द्वारा संबंधित तहसीलों को राशि वितरण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राकृतिक आपदा राहत के तहत दी गई यह सहायता राशि पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।