Bastar Pandum 2026: जगदलपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया उद्घाटन, कहा – विरासत के साथ विकास ही सफलता की कुंजी

जगदलपुर। माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में ‘बस्तर पंडुम 2026’ का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बस्तर की परंपराएं और संस्कृति सदैव लोगों को आकर्षित करती रही हैं और यह क्षेत्र अपनी समृद्ध जनजातीय विरासत के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

राष्ट्रपति ने बस्तरवासियों से विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने का आह्वान किया और कहा कि विकास का वही मॉडल सफल है, जो परंपराओं को संजोते हुए आगे बढ़े।


बस्तर दशहरा जनजातीय संस्कृति और भाईचारे का प्रतीक – राष्ट्रपति

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि मां दंतेश्वरी को समर्पित बस्तर दशहरा जनजातीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और भाईचारे का अनूठा उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि हमें अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेते हुए स्वर्णिम भविष्य का निर्माण करना चाहिए।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

शिक्षा को बताया विकास की आधारशिला

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा व्यक्तिगत और सामुदायिक विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि जब भी वह जनजातीय समाज के लोगों से मिलती हैं, तो उन्हें शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास करती हैं।

उन्होंने युवाओं से शिक्षा को अपनाकर आत्मनिर्भरता और प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।


जनजातीय संस्कृति को वैश्विक मंच

‘बस्तर पंडुम 2026’ महोत्सव बस्तर की लोककला, लोकनृत्य, पारंपरिक संगीत, वेशभूषा, हस्तशिल्प और खान-पान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। यह आयोजन जनजातीय कलाकारों के सम्मान और प्रोत्साहन के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह संबोधन विरासत, शिक्षा और विकास के संतुलन का स्पष्ट संदेश देता है। ‘बस्तर पंडुम 2026’ न केवल सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि यह बस्तर के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।