
पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ महाबैठक: पश्चिम एशिया संकट पर ‘टीम इंडिया’ का प्लान; तेल और सुरक्षा पर बड़ी रणनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 6:30 बजे सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। पश्चिम एशिया युद्ध के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा, तेल आपूर्ति और विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा पर होगा मंथन।
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पश्चिम एशिया संघर्ष: पीएम मोदी का ‘मिशन सुरक्षा’, मुख्यमंत्रियों के साथ आज शाम होगी निर्णायक बैठक
🚨 बैठक का समय: आज शाम 6:30 बजे
प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों को वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए एकजुट करेंगे। चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक से बाहर रहेंगे।
नई दिल्ली: वैश्विक स्तर पर गहराते पश्चिम एशिया (Middle East) संकट के बीच भारत ने अपनी आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को लेकर कमर कस ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें देश के सभी मुख्यमंत्रियों (चुनावी राज्यों को छोड़कर) के साथ चर्चा की जाएगी। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव ने तेल की कीमतों और वैश्विक सप्लाई चेन पर सवालिया निशान लगा दिया है।
बैठक के 5 मुख्य एजेंडे
- ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security): खाड़ी देशों से तेल और एलपीजी (LPG) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के साथ समन्वय बनाना।
- भारतीयों की सुरक्षा: युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे लाखों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर उनके सुरक्षित निष्कासन (Evacuation) की योजना।
- महंगाई पर लगाम: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर आम जनता की जेब पर न पड़े, इसके लिए राज्यों के साथ आर्थिक रणनीति साझा करना।
- आंतरिक सुरक्षा: वैश्विक तनाव के कारण देश के भीतर किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखना।
- सप्लाई चेन: आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की कमी न हो, इसके लिए केंद्र और राज्यों का ‘टीम इंडिया’ के रूप में काम करना।
‘टीम इंडिया’ की भावना से मुकाबला
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री का मानना है कि यह संकट किसी एक पार्टी या केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश का है। जिस तरह भारत ने कोविड-19 महामारी के दौरान एकजुट होकर लड़ाई लड़ी थी, उसी तरह इस भू-राजनीतिक (Geopolitical) संकट का सामना करने के लिए केंद्र और राज्यों का एक मंच पर आना अनिवार्य है।
चुनावी राज्यों के लिए अलग व्यवस्था
जिन राज्यों में वर्तमान में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया चल रही है (जैसे तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल आदि), वहां के मुख्यमंत्री आचार संहिता के कारण इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। उन राज्यों के लिए कैबिनेट सचिवालय अलग से मुख्य सचिवों (Chief Secretaries) के साथ समन्वय करेगा ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।











