केतन अग्रवाल हत्याकांड: आरोपी सिया गोयल का ‘स्नैपचैट’ संदेश आया सामने; सगाई टूटने और साजिश के मिले चौंकाने वाले सबूत
पुणे: 25 वर्षीय बिल्डर केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले की खाई में धकेल कर की गई कथित हत्या के मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस को एक बड़ी तकनीकी कामयाबी हाथ लगी है। शनिवार को पुलिस अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी 20 वर्षीय सिया गोयल के फोन से बरामद किए गए डिजिटल डेटा में एक ऐसा स्नैपचैट संदेश मिला है, जो हत्या से कई हफ्ते पहले मई के महीने में उसकी एक सहेली को भेजा गया था। इस संदेश में सिया ने साफ तौर पर कहा था कि केतन अग्रवाल के साथ उसकी शादी कभी नहीं होने वाली है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह संदेश उस समय भेजा गया था जब दोनों परिवारों में नवंबर 2026 में राजस्थान के उदयपुर में होने वाली डेस्टिनेशन वेडिंग की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं। केतन का परिवार शादी में शामिल होने वाले रिश्तेदारों और दोस्तों के हवाई टिकट बुक करने के लिए उनके आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र मांग रहा था। इसी दौरान सिया ने अपनी सहेली से आधार कार्ड मांगते हुए लिखा था: “शादी के टिकटों के लिए अपने आधार कार्ड का आगे और पीछे का फोटो भेज दो, जो शादी वैसे भी कभी नहीं होने वाली है, लेकिन फिर भी भेज दो।”
साजिश और सबूतों का डिजिटल जाल
लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दिनेश तायड़े ने बताया कि यह संदेश सिया के पुराने मोबाइल फोन से डेटा रिकवरी के दौरान मिला है। पुलिस अब उस सहेली से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है जिसे यह मैसेज भेजा गया था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उसे इस भयानक साजिश के बारे में पहले से कोई भनक थी या नहीं।
जांचकर्ताओं का मानना है कि सिया जानबूझकर दोनों परिवारों और अपने दोस्तों के सामने यह दिखावा कर रही थी कि वह शादी की तैयारियों में व्यस्त है, जबकि अंदर ही अंदर वह अपने प्रेमी चेतन चौधरी (22) के साथ मिलकर केतन को अपने रास्ते से हटाने की योजना बना रही थी। पुलिस के अनुसार, “शादी जो कभी नहीं होने वाली है” वाक्य का इस्तेमाल यह साबित करता है कि केतन की हत्या कोई अचानक हुआ हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि 18 जून को घटना को अंजाम देने के बाद, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने पुलिस और सर्विलांस से बचने के लिए बेहद सतर्कता बरती। वे आपस में बातचीत करने के लिए सामान्य फोन कॉल के बजाय सोशल मीडिया ऐप्स, कोडवर्ड, गुप्त उपनाम (Nicknames) और साइन लैंग्वेज का इस्तेमाल कर रहे थे ताकि कोई सबूत न छूटे। हालांकि, साइबर सेल की मदद से उनके डिलीट किए गए डेटा को रिकवर कर लिया गया है।
एक नजर में: केतन अग्रवाल हत्याकांड के मुख्य तथ्य
| मुख्य विवरण | मामले से जुड़ी जानकारी |
|---|---|
| मारे गए व्यक्ति | केतन अग्रवाल (25 वर्ष), पुणे के रियल एस्टेट डेवलपर |
| मुख्य आरोपी | सिया गोयल (20 वर्ष, मंगेतर) और चेतन चौधरी (22 वर्ष, कथित प्रेमी) |
| घटना की तारीख और स्थान | 18 जून, 2026; ‘घोस्ट पॉइंट’, लोहगढ़ किला, लोनावला (पुणे) |
| गिरफ्तारी और वर्तमान स्थिति | 23 जून को गिरफ्तारी; अदालत ने 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा |
| विशेष लोक अभियोजक | वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम |
तीन असफल प्रयास और जुर्म का ‘रिहर्सल’
पुणे ग्रामीण पुलिस द्वारा की गई कस्टोडियल पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासे किए हैं, वे किसी थ्रिलर फिल्म की तरह हैं। पुलिस के मुताबिक, सिया और चेतन ने केतन को मारने से पहले बाकायदा इसका रिहर्सल किया था। उन्होंने पुणे के लुल्लानगर इलाके में एक क्लब के पास खुले मैदान में एक-दूसरे को धक्का देकर यह अभ्यास किया था कि किसी इंसान को ढलान या क्लिफ से नीचे कैसे धकेला जाए जिससे वह खुद को संभाल न सके।
इतना ही नहीं, 18 जून की सफल वारदात से पहले केतन को मारने के तीन असफल प्रयास भी किए गए थे। जांच में पता चला है कि सिया ने केतन को कई बार ट्रेकिंग के बहाने अलग-अलग पहाड़ों पर ले जाने की कोशिश की। 14 जून को भी वे लोहगढ़ किले गए थे, जहां सिया ने कथित तौर पर केतन को धक्का दे दिया था, लेकिन केतन ने सूझबूझ दिखाते हुए वहां मौजूद झाड़ियों को पकड़ लिया और उसकी जान बच गई। उस समय सिया ने यह बहाना बनाकर बात टाल दी थी कि उसने वहां एक सांप देखा था और वह डर के मारे पीछे हट रही थी।
हत्याकांड का वो खौफनाक ‘सिग्नल’
17 जून को, यानी मर्डर से ठीक एक दिन पहले, सिया और चेतन पुणे के लुल्लानगर की एक कैफे में मिले थे, जिसकी सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने जब्त कर ली है। यहीं पर अंतिम योजना तैयार की गई थी। 18 जून को जब सिया और केतन लोहगढ़ किले के सबसे खतरनाक छोर ‘घोस्ट पॉइंट’ पर थे, तब चेतन भी हुडी पहनकर चुपके से उनके पीछे-पीछे चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, क्लिफ पर पहुंचने के बाद सिया ने चेतन को एक पूर्व-निर्धारित इशारा (Pre-decided Signal) किया। वह अचानक पानी पीने के बहाने जमीन पर बैठ गई। पुलिस का मानना है कि सिया का जमीन पर बैठना एक सोची-समझी चाल थी ताकि जब चेतन केतन को खाई में धक्का दे, तो केतन बचने के लिए हड़बड़ाहट में सिया को न पकड़ सके और उसे अपने साथ नीचे न खींच ले। सिया के बैठते ही चेतन ने पीछे से आकर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धकेल दिया। शुरुआत में इसे एक ट्रेकिंग हादसा माना जा रहा था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध हरकतों के बाद पुलिस ने गहराई से जांच की तो सच सामने आ गया।
आपसी आरोप-प्रत्यारोप और आगे की जांच
हालिया पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों के बीच फूट पड़ती भी दिखाई दी है। चेतन चौधरी का दावा है कि केतन को रास्ते से हटाने का पूरा प्लान सिया का था और वह सिर्फ सिया के साथ भागना चाहता था। दूसरी तरफ, सिया का आरोप है कि मास्टरमाइंड चेतन था और उसने सिया पर इस वारदात में शामिल होने का दबाव बनाया था। पुलिस ने दोनों के बयानों को डिजिटल सबूतों, कॉल रिकॉर्ड्स और लोकेशन हिस्ट्री के साथ क्रॉस-वेरिफाई किया है।
इस बीच, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब को फांसी के फंदे तक पहुंचाने वाले देश के मशहूर सरकारी वकील उज्ज्वल निकम को इस केस के लिए विशेष लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor) नियुक्त किया है। पुलिस अब आरोपियों का एआई-आधारित गेट एनालिसिस (Gait Analysis – चलने के पैटर्न की जांच) भी करा रही है ताकि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे हुडी वाले शख्स और चेतन के हुलिए का शत-प्रतिशत मिलान किया जा सके।















