
महासमुंद में नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई: प्रशासन और पुलिस का सख्त रुख, मेडिकल दुकानों पर बढ़ेगी निगरानी
महासमुंद में नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई: प्रशासन और पुलिस का सख्त रुख, मेडिकल दुकानों पर बढ़ेगी निगरानी
स्वापक औषधि मनः प्रभावी पदार्थों के नियंत्रण हेतु जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक
महासमुंद, 18 मार्च 2025 – महासमुंद जिले में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध व्यापार पर प्रभावी रोकथाम के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह और पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह ने इस विषय पर विस्तृत चर्चा की और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर कठोर कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि महासमुंद जिले में अवैध रूप से नशीली दवाओं और मादक पदार्थों की बिक्री करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यह जिला ओडिशा की सीमा से सटा हुआ है, जिससे नशीली दवाओं की तस्करी की संभावना बनी रहती है। पुलिस और प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने निर्देशित किया कि नगर निकायों द्वारा कचरा संग्रहण केंद्रों में यदि बायो-मेडिकल वेस्ट, सीरिंज या टेबलेट पाई जाती हैं तो संबंधित दुकानों और संस्थानों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाए।
मेडिकल दुकानों पर सख्त निगरानी और सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य
पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह ने कहा कि जिले में नशीली दवाओं की रोकथाम के लिए मेडिकल दुकानदारों की बैठक आयोजित कर उन्हें उचित दिशा-निर्देश दिए जाएं। उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन को निर्देशित किया कि औषधियों के क्रय-विक्रय पर सख्त निगरानी रखी जाए और उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा, सभी मेडिकल दुकानों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मेडिकल दुकानों से नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर कड़ी नजर रखी जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए।
शिक्षण संस्थानों में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान
जिले के सभी स्कूलों और कॉलेजों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और प्रशासन मिलकर कोटप्पा एक्ट के तहत कार्रवाई बढ़ाने पर भी जोर देंगे। कलेक्टर ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष सतर्कता और निगरानी
पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सीमावर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए। सीमाओं पर चौकसी बढ़ाई जाए और संदिग्ध वाहनों की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
सड़क सुरक्षा और नशे के कारण बढ़ती दुर्घटनाएं
बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है, जिसका मुख्य कारण हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना तथा मादक पदार्थों का सेवन है। उन्होंने सभी नागरिकों, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालानी कार्रवाई की जाएगी।
मालवाहक वाहनों का दुरुपयोग रोका जाएगा
पुलिस अधीक्षक ने यह भी निर्देश दिए कि मालवाहक वाहनों जैसे ट्रक, पिकअप और ट्रैक्टर का उपयोग सवारी वाहन के रूप में न किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई वाहन मालिक ऐसा करता पाया गया, तो उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। इस आदेश के पालन के लिए सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की सख्ती और जनता की भागीदारी जरूरी
बैठक में सहायक औषधि नियंत्रक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, उप संचालक समाज कल्याण, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए, ताकि महासमुंद जिले में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध व्यापार को पूरी तरह रोका जा सके।
समाज के सहयोग से बनेगा नशा मुक्त महासमुंद
कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने जिलेवासियों से अपील की कि वे नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध व्यापार की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दें। आम नागरिकों की सतर्कता और सहयोग से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। प्रशासन की सख्ती और जनता की जागरूकता के साथ महासमुंद जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
महासमुंद जिला प्रशासन और पुलिस ने नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर सख्त कार्रवाई के संकेत दे दिए हैं। जनता को भी प्रशासन का सहयोग करना होगा, ताकि यह अभियान सफल हो सके।