
छत्तीसगढ़ में पेयजल संकट को लेकर आम आदमी पार्टी ने किया मटका फोड़ आंदोलन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
गोपाल सिंह विद्रोही /बिश्रामपुर-सूरजपुर जिले के कई दूरस्थ इलाकों में पेय जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों को पानी के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में दिनोंदिन गहराते जल संकट से ग्रामीणों को पानी के लिए दौड़भाग करनी पड़ रही है। प्रदेश में बढ़ते पेयजल संकट को लेकर आज, मंगलवार को आम आमदी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार गुप्ता और जिला सचिव रवि जायसवाल के नेतृत्व में सूरजपुर जिले के संयुक्त कलेक्टर कार्यालय मटका फोड़ आंदोलन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भूपेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदेश की जनता को शुद्ध पेय जल उपलब्ध कराने की मांग की है।
पेयजल की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष व जिला सचिव सूरजपुर ने राज्य और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश जहां आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं 75 साल बाद पूरे भारत और छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत पानी पहुंचाने की बात कही जा रही है। इसका सीधा मतलब है कि कोई भी सरकारें 75 सालों में एक आम आदमी और गरीब तक पानी पहुंचाने का काम नहीं कर पाई।
आम आदमी पार्टी जिला अध्यक्ष ने कहा कि आलम यह है कि नल में पानी नहीं है। पानी के लिए माता-बहनों को रोजाना जद्दोजहद करनी पड़ रही है। रोजाना सुबह 5 बजे माताएं-बहनें उठकर लाइनें लगा रही हैं। लेकिन भूपेश सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। इस समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी ने 33 जिलों में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की गई कि गर्मी के समय में किसी भी व्यक्ति को पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों को पानी साफ नहीं मिल रहा है। गर्मी के दिनों में जनता के मटके पानी से खाली है। जिसको लेकर आज ‘आप’ ने जिले में मटका फोड़ आंदोलन किया। अगर गर्मी में लोगों को पानी की समस्या हुई तो पार्टी के कार्यकर्ता उग्र आंदोलन करेंगे।
लोगों को पानी के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में दिनोंदिन गहराते जल संकट से ग्रामीणों को पानी के लिए दौड़भाग करनी पड़ रही है। भूजल स्तर गिरने के कारण कई इलाके जल संकट की चपेट में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि भूपेश सरकार का 2023 तक सभी घरों तक उच्च गुणवत्ता का शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य था, लेकिन धरातल पर कहीं कुछ नहीं दिख रहा है।
ग्रामीण कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर है। ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए बहुत भटकना पड़ रहा है। राज्य में जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव तक नल से जल देने के लिए सरकार काम कर रही है। बावजूद इसके पानी की समस्या बनी हुई है। भूजल स्तर गिरने के कारण कई इलाके में जल संकट की चपेट में आ गए है। आम आदमी पार्टी ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए भूपेश सरकार से जल संकट प्रभावित गांवों में पानी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
इस दौरान जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बड़ा चिंता का विषय है कि सूरजपुर जिले के सुदूर गांवों में लोग झरिया और तालाबों का पानी, लाल पानी, फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार की ओर लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। जल जीवन मिशन में करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ, कोई ऐसा गांव नहीं है जहां जल जीवन मिशन के तहत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया हो। उन्होंने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि नल टूटा है, पाइप फूटी है, इसको लेकर बकायदा बिल बनता है और पैसा पास होकर बंदरबांट हो जाता है। लोग अभाव के चलते झरिया और तालाब का पानी पीने को मजबूर हैं, दूसरी तरफ करप्शन की वजह से ऐसा हो रहा है।











