
चीन को लेकर मोदी सरकार पर टी.एस. सिंहदेव का हमला, विदेश नीति को बताया कमजोर
कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध हटाने की खबरों को लेकर मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए और उसे कमजोर बताया।
चीन को लेकर मोदी सरकार पर टी.एस. सिंहदेव का तीखा हमला, बोले– विदेश नीति की रीढ़ झुक चुकी है
नई दिल्ली | 10 जनवरी 2026|कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने चीन से जुड़े मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार की विदेश नीति पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को अपनी विदेश नीति की रीढ़ की जांच करवानी चाहिए, क्योंकि वह दबाव में आकर कमजोर होकर झुक चुकी है।
टी.एस. सिंहदेव ने आरोप लगाया कि आर्थिक दबाव और प्रशासनिक असुविधा का बहाना बनाकर चीनी कंपनियों के लिए एक बार फिर भारत के सरकारी ठेकों के दरवाज़े खोले जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यही वह चीन है, जिसकी घुसपैठ के दौरान वर्ष 2020 में हमारे 40 जवान शहीद हुए थे।
उन्होंने आगे कहा कि यही चीन ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान को सूचना और तकनीकी सहायता देकर भारत के खिलाफ खड़ा हुआ, इसके बावजूद मोदी सरकार ने उसके खिलाफ सख्त रुख अपनाने के बजाय उसे दोबारा सरकारी ठेकों और व्यापार में प्रवेश दे दिया।
“राष्ट्रवाद दिखावे का, फैसले समझौते वाले”
टी.एस. सिंहदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि
“सुर्खियाँ बटोरने के लिए मोदी जी राष्ट्रवाद का दिखावा कर लेते हैं, लेकिन पहला दबाव पड़ते ही ‘May I please Sir!’ कहते हुए भारत के हितों से समझौता कर लेते हैं।”
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाहे सामने बड़ी अर्थव्यवस्था हो या बड़ी सैन्य ताकत, भारत के स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
“कमज़ोर और आत्मविश्वासहीन सरकार की पहचान”
कांग्रेस नेता ने कहा कि चीन के साथ बार-बार इस तरह के समझौते करना एक आत्मविश्वासहीन और कमजोर मोदी सरकार की पहचान बन चुका है।
गौरतलब है कि हाल ही में रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत का वित्त मंत्रालय चीनी कंपनियों पर सरकारी ठेकों को लेकर लगाए गए पांच साल पुराने प्रतिबंध हटाने की योजना बना रहा है, जिससे भारत-चीन के बीच व्यावसायिक संबंधों को फिर से गति दी जा सके।










