
30 Years of Rani Mukerji: 30 साल का शानदार सफर, ‘मर्दानी’ से बनी महिला सशक्तिकरण की प्रतीक
रानी मुखर्जी के हिंदी सिनेमा में 30 साल पूरे। ‘राजा की आएगी बारात’ से लेकर ‘मर्दानी 3’ तक, जानिए उनके करियर की बड़ी उपलब्धियाँ और बदलाव की कहानी।
30 Years of Rani Mukerji: तीन दशक, एक नाम — और ‘मर्दानी’ से बदली हिंदी सिनेमा की हीरोइन की परिभाषा
रायपुर | एंटरटेनमेंट डेस्क | 15 जनवरी 2026 | हिंदी सिनेमा की सबसे सशक्त और भरोसेमंद अभिनेत्रियों में शुमार रानी मुखर्जी ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 30 साल पूरे कर लिए हैं। 1996 में राजा की आएगी बारात से शुरुआत करने वाली रानी ने न सिर्फ़ रोमांटिक और इमोशनल किरदार निभाए, बल्कि समय के साथ ऐसी भूमिकाएँ चुनीं जिन्होंने महिला पात्रों की परिभाषा ही बदल दी।
आज जब ‘मर्दानी 3’ का ट्रेलर यूट्यूब पर #1 ट्रेंड कर रहा है, तो यह सिर्फ़ एक फिल्म की सफलता नहीं, बल्कि रानी मुखर्जी के करियर की निरंतर प्रासंगिकता का प्रमाण है।
शुरुआती दौर: मासूमियत से मजबूती तक
90 के दशक के अंत और 2000 के शुरुआती वर्षों में रानी ने
कुछ कुछ होता है, साथिया, हम तुम, कभी अलविदा ना कहना जैसी फिल्मों से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई।
उनकी अभिनय क्षमता, संवाद अदायगी और भावनात्मक गहराई ने उन्हें भीड़ से अलग पहचान दी।
‘मर्दानी’— जब हीरोइन ने सिस्टम से सवाल पूछे
साल 2014 में आई ‘मर्दानी’ रानी के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
एक महिला आईपीएस अधिकारी शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में उन्होंने अपराध, महिला तस्करी और सिस्टम की खामियों पर करारा प्रहार किया।
- 🎯 मर्दानी (2014) – महिला पुलिस अफसर का दमदार चेहरा
- 🎯 मर्दानी 2 (2019) – समाज को झकझोरने वाला सायको क्राइम
- 🎯 मर्दानी 3 (2026) – अब तक की सबसे आक्रामक और परिपक्व रानी
‘मर्दानी’ फ्रेंचाइज़ी ने यह साबित किया कि महिला-केंद्रित फिल्में भी बॉक्स ऑफिस और दर्शकों दोनों पर असर छोड़ सकती हैं।
उम्र नहीं, अभिनय बोलता है
जब बॉलीवुड में उम्र को लेकर अभिनेत्रियों पर सवाल उठते हैं, तब रानी मुखर्जी अपने चयन से जवाब देती हैं।
हिचकी, मिसेज़ चटर्जी वर्सेस नॉर्वे और मर्दानी जैसी फिल्मों ने दिखाया कि कंटेंट और अभिनय के सामने उम्र मायने नहीं रखती।
मर्दानी 3: ‘There’s no stopping her!’
Yash Raj Films द्वारा रिलीज़ मर्दानी 3 का ट्रेलर रिलीज़ होते ही ट्रेंडिंग में #1 पर पहुंच गया।
रानी का यह अवतार पहले से ज़्यादा कठोर, गुस्सैल और सिस्टम से टकराने वाला है।
फिल्म 30 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।
30 साल, एक विरासत
रानी मुखर्जी सिर्फ़ एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा में महिला सशक्तिकरण की आवाज़ बन चुकी हैं।
उनका सफर बताता है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो समय और ट्रेंड दोनों को बदला जा सकता है।










