
ग्राम पंचायत लब्जी में चौपाल आयोजित, विकसित भारत जी-राम-जी योजना की दी गई जानकारी
अंबिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत लब्जी में चौपाल आयोजित कर विकसित भारत जी-राम-जी एक्ट 2025 की जानकारी साझा की गई। योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, समय पर मजदूरी भुगतान और ग्राम सभा की भूमिका मजबूत होगी।
चौपाल आयोजित कर विकसित भारत जी-राम-जी योजना की जानकारी साझा
वीबी-जी राम-जी योजना से सशक्त एवं समृद्ध ग्रामीण भारत के निर्माण पर जोर
अंबिकापुर, 07 जनवरी 2026। जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लब्जी में ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी पहल से अवगत कराने के उद्देश्य से चौपाल का आयोजन कर विकसित भारत जी-राम-जी योजना की जानकारी साझा की गई। चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, पंचायत प्रतिनिधि एवं हितग्राही उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत अंबिकापुर के सीईओ राजेश सेंगर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विकसित भारत जी-राम-जी एक्ट, 2025 के प्रमुख प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में अब 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान की गई है। साथ ही कार्य उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते के प्रावधानों को भी अधिक सशक्त बनाया गया है।
सीईओ ने बताया कि इस एक्ट के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान एक सप्ताह के भीतर करना अनिवार्य किया गया है। यदि 15 दिवस के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता है, तो संबंधित मजदूर को 0.05 प्रतिशत अतिरिक्त राशि ब्याज के रूप में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व में भुगतान में देरी होने पर मजदूरों को कोई क्षतिपूर्ति नहीं मिलती थी, लेकिन अब विलंब की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने आगे बताया कि विकसित भारत जी-राम-जी एक्ट के तहत अब गांव की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन ग्राम सभा द्वारा किया जाएगा। गांव की जरूरतों के अनुसार ही कार्य कराए जाएंगे, जो इस योजना की मूल भावना है। इस अधिनियम के लागू होने से गांवों में जल संरक्षण, आधारभूत संरचना विकास, आजीविका आधारित गतिविधियों तथा प्राकृतिक आपदाओं से बचाव जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकेंगे।
चौपाल के दौरान ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें योजना का अधिकतम लाभ उठाने के लिए सक्रिय सहभागिता हेतु प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों में योजना को लेकर उत्साह देखा गया और ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।











