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छत्तीसगढ़ को खनिज राजस्व में ऐतिहासिक सफलता: वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14,195 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कमाई

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खनिज राजस्व अर्जित किया। दंतेवाड़ा जिला सबसे आगे, ई-नीलामी और पारदर्शी प्रशासन ने निभाई अहम भूमिका।

छत्तीसगढ़ को खनिज राजस्व में ऐतिहासिक सफलता

वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व, दंतेवाड़ा अव्वल

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रायपुर, 4 अप्रैल 2025। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद के निर्देशन में छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में खनिज राजस्व के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य को इस वर्ष कुल 14,195 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है। पिछले वर्ष यह राशि 12,795 करोड़ रुपये थी।

दंतेवाड़ा ने सबसे अधिक योगदान दिया

राज्य में खनिज राजस्व प्राप्ति के मामले में दंतेवाड़ा जिला सबसे आगे रहा, जिसने 6,580 करोड़ रुपये का योगदान दिया। इसके अतिरिक्त, कोरबा से 2,148 करोड़, रायगढ़ से 2,027 करोड़, बालोद से 1,313 करोड़, सरगुजा से 585 करोड़, बलौदाबाजार से 354 करोड़, कांकेर से 328 करोड़ और सूरजपुर से 155 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

खनिज संपदा में राष्ट्रीय भागीदारी

छत्तीसगढ़ देश के खनिज मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण राज्य है। देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का केवल 4% हिस्सा होने के बावजूद, राज्य देश के कुल खनिज उत्पादन मूल्य में 16% से अधिक का योगदान देता है। राज्य में लौह अयस्क, कोयला, चूनापत्थर और बाक्साइट के विशाल भंडार मौजूद हैं, जो खनिज राजस्व के प्रमुख स्रोत हैं। साथ ही सामरिक महत्व के 28 प्रकार के खनिजों की भी पुष्टि राज्य में की गई है।

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ई-नीलामी से पारदर्शिता और अतिरिक्त राजस्व

वर्ष 2015 से राज्य सरकार ने खनिजों के आबंटन की प्रक्रिया को ई-नीलामी के माध्यम से शुरू किया। इससे न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित हुई, बल्कि प्रीमियम के रूप में अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति भी हुई। वर्तमान खनिज राजस्व में ई-नीलामी के माध्यम से स्वीकृत खदानों की भागीदारी स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है।

खनिज विकास मद से अधोसंरचना को बल

खनिज राजस्व की कुल प्राप्ति का 5% भाग “खनिज विकास मद” में अंतरित किया जाता है, जिसका उपयोग दूरस्थ अंचलों में अधोसंरचना निर्माण एवं खनिज विकास कार्यों में किया जाता है। वर्ष 2025-26 के लिए राज्य सरकार ने केवल रेल कॉरिडोर निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

खनिज क्षेत्र बना सामाजिक-आर्थिक विकास का आधार

खनन गतिविधियाँ अब केवल उद्योगों को कच्चा माल प्रदान करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह क्षेत्र राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्थानीय रोजगार, अधोसंरचना विकास और ग्रामीण क्षेत्रों की समृद्धि में खनिज क्षेत्र की भूमिका लगातार सशक्त हो रही है।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा,
“छत्तीसगढ़ की धरती केवल खनिज संपदा से नहीं, बल्कि विकास की असीम संभावनाओं और जनकल्याण के संकल्प से भी समृद्ध है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खनिज राजस्व प्राप्त कर प्रदेश ने एक नई ऊँचाई को स्पर्श किया है। यह उपलब्धि हमारी दूरदर्शी नीतियों, पारदर्शी प्रशासन और ईमानदार कार्यसंस्कृति का परिणाम है। ई-नीलामी, तकनीकी नवाचार और सुशासन के माध्यम से हम खनिज क्षेत्र को विकास के इंजन में परिवर्तित कर रहे हैं।”

Ashish Sinha

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